फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएचसी प्रभारी को घर में घुसकर पीटा, 25 लाख की रंगदारी मांगी

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। बिथरी चैनपुर सीएचसी के प्रभारी डॉ. मयंक मिश्रा ने बर्खास्त स्टाफ नर्स, उसकी मां और एक निजी अस्पताल के कंपाउंडर के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने और 25 लाख की रंगदारी मांगने के आरोप में बारादरी थाने में रिपोर्ट कराई है। इधर, बर्खास्त संविदा स्टाफ नर्स का आरोप है कि डॉक्टर ने ही शादी का झांसा देकर करीब डेढ़ साल तक उसका यौन शोषण किया था।
विज्ञापन

बिथरी चैनपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. मयंक मिश्रा का कहना है कि वह मई 2015 से तैनात हैं। एक संविदा स्टाफ नर्स भी सीएचसी पर तैनात थी। वह ड्रग्स लेने की आदी हो गई थी। एक युवक से उसके संबंध थे। उसके पिता के कहने पर सीएचसी प्रभारी ने न सिर्फ उसका इलाज कराया बल्कि समय-समय पर आर्थिक मदद भी की। इस बीच सीएमओ ने नर्स की संविदा समाप्त कर दी। तब तरस खाकर उन्होंने उसे अपने आशीष टॉवर के फ्लैट में रहने की अनुमति दे दी। खर्च के लिए रुपये देने के साथ इलाज भी कराते रहे, लेकिन बाद में वह ज्यादा रुपयों की मांग करने लगी। 29 अक्तूबर की शाम बर्खास्त संविदा नर्स अपनी मां और एक निजी अस्पताल के कंपाउंडर अजहर के साथ उनके बारादरी थाने के राधेश्याम एन्क्लेव स्थित आवास पर पहुंची। इन लोगों ने घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की। यह तीनों लोग 25 लाख रुपये के साथ बरेली में एक मकान दिलाने की मांग कर रहे थे। डीआईजी के आदेश पर बारादरी पुलिस ने मामले में बर्खास्त संविदा स्टाफ नर्स, उसकी मां और कंपाउंडर अजहर के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
इधर, इस संबंध में बर्खास्त नर्स ने बताया कि डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर उसका करीब डेढ़ साल तक यौन शोषण किया। डॉक्टर खुद को अविवाहित बताते थे। बाद में शादी करने से मना कर दिया। नर्स का कहना है कि उसने भी डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन पुलिस जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देती रही। उसने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें