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एडीजी को बरेली में दिखा सब हराभरा, बोले- खुलकर शिकायत करने वाला कोई नहीं

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बरेली। शासन के दूत के रूप में बरेली आए एडीजी ईओडब्ल्यू अभय प्रसाद ने अपने दो दिवसीय दौरे में थाने के निरीक्षण से लेकर जनता, जनप्रतिनिधियों से संवाद के साथ बुधवार को पत्रकारों से भी बात की। उन्होंने बरेली को अच्छा शहर बताते हुए कहा कि यहां अफसरों के खिलाफ कोई खास शिकायत नहीं मिली। पत्रकारों ने पूछा कि क्या वह यहां रामराज्य मान रहे हैं तो हंसकर टाल गए।
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पुलिस लाइन में प्रसाद ने कहा कि पहाड़ों का गेटवे बरेली काफी अच्छा शहर है। उनकी नौकरी की शुरुआत शाहजहांपुर से हुई इसलिए बरेली से काफी जुड़ाव रहा। सीएम का निर्देश है कि दूसरे विभागों और जनता से पुलिस का बेहतर संवाद और तालमेल हो, इसी कवायद में वह यहां आए हैं। मंगलवार को कार्यक्रम में जनता की तारीफ की तो वह चौंके थे। बुधवार को लोगों से अकेले में पुलिस लाइन आकर मिलने को कहा था। लोग आए भी पर सामान्य शिकायतें ही कीं। कई ने मोबाइल और बाइक चोरी दर्ज न होने की शिकायतें कीं। उन्हें समझाया गया कि ऐसे मामलों में घर बैठे मोबाइल से ई-एफआईआर दर्ज करा लें। सुबह बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अपने क्षेत्र संबंधी समस्याएं या एकाध चौकी-थाने के स्तर की व्यावहारिक दिक्कत बताई। उन मामलों को एसएसपी को बता दिया गया है। कहा गया है कि आबकारी, स्वास्थ्य आदि विभागों से भी अच्छा तालमेल रखकर काम करें।

बंद सभागार में नेताओं ने पुलिस के अंदाज पर उठाए सवाल
एडीजी ने पुलिस लाइन सभागार में बाकी अफसरों को बाहर करके जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप पहुंचे तो दोनों पूर्व मंत्री राजेश अग्रवाल और धर्मपाल सिंह, मीरगंज विधायक को छोड़ बाकी सब विधायक मौजूद थे। विधायकों ने अपने इलाकों में कानून व्यवस्था की स्थिति बताने के साथ ही कुछ थानेदारों और चौकी प्रभारियों से हो रही समस्याओं के बारे में बताया। भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह ने प्रस्ताव रखा कि पूरे जिले में भाजपा के 35 मंडल अध्यक्ष हैं। इन्हीं को थाने में सम्मान मिल जाए तो उनके कार्यकर्ताओं की 70 फीसदी समस्याओं का निपटारा हो जाएगा। इन्हें एडीजी नोट करते रहे। बैठक के बाद इन मामलों में एसएसपी से बात की। कहा, जायज बातें मानने में कोई हर्ज नहीं है। नाजायज मांगों के बारे में सलीके से बता दिया जाए, शायद कोई जनप्रतिनिधि बुरा नहीं मानेगा।
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जेल में कश्मीर के बंदियों से मिले एडीजी
जिला जेल में निरीक्षण के बाद एडीजी ने सफाई और बंदोबस्त पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि जेल में वीडियो कांफ्रेंसिंग से कैदियों की पेशी की व्यवस्था शुरू हो रही है, मामूली तकनीकी दिक्कत आ रही है, इसे जल्दी दूर हो जाएगी। बताया कि वह जेल में बंद सामान्य कैदियों के साथ ही जम्मू कश्मीर से लाए गए बंदियों से भी मिले। उन्होंने जेल में किसी तरह की समस्या न होने की बात कही। कहा कि उनके लोगों से मुलाकात भी करा दी जाती है।

जाम में खुद फंसने का दर्द जुबां पर आया
एडीजी मंगलवार को बरेली आते वक्त फरीदपुर से पहले हाईवे पर जाम में फंस गए थे। बुधवार को उन्होंने इसका एसएसपी से जिक्र किया और डीएम तथा अन्य विभागों की मदद से ऐसी व्यवस्था कराने को कहा कि ताकि हाईवे पर लोग जाम में न फंसें। पत्रकारों से भी सुझाव मांगे। बताया गया कि हुलासनगरा रेलवे क्रासिंग पर लाइन तोड़कर आने वाले वाहनों से जाम लगता है। अगर ऐसे स्थानों पर सिपाही तैनात हों तो समस्या काफी सुलझेगी। उन्होंने एसएसपी से इस पर काम करने को कहा।

पशु और स्मैक तस्करों पर भी होगी कार्रवाई
एडीजी ने बताया कि बरेली में पशु और स्मैक तस्करी की शिकायतें उन्हें काफी मिली हैं। फतेहगंज पश्चिमी का जिक्र भी किया गया जो स्मैक के लिए बदनाम होता जा रहा है। उन्होंने एसएसपी को निर्देश दिए कि इस तरह के धंधों पर लगाम लगाएं। दूसरे विभागों से मदद लें, अपने स्टाफ को जवाबदेह बनाएं।
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