बहेड़ी। सपाइयों ने सीओ को ज्ञापन देकर दो पार्टियों के नेताओं पर बहेड़ी के अमनचैन को आग लगाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसला को सभी ने स्वीकार कर अमनचैन कायम रखने में प्रशासन की मदद की। अब जब माहौल पूरी तरह सामान्य हो चुका है तो ये दोनों नेता ड्रामेबाजी कर अशांति फैलाने में लगे हैं। प्रशासन सख्त एक्शन लेकर दोनों को जेल भेजे।
इससे पहले पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की बैठक में पूर्व मंत्री अताउर्रहमान ने कहा कि पर्दे के पीछे दोनों नेताओं की जुगलबंदी का जो खेल चल रहा है वह आम लोगों की जुबां पर है। सीओ के साथ शनिवार को थाने में जो हुआ वह बेहद निंदनीय है। एक समझदार और कर्मठ अधिकारी को नेताओं और पब्लिक दोनों को सहयोग करना चाहिए। वर्तमान में इस तरह की नादानी वाली बातें होने से माहौल खराब हो सकता है। उन्होंने कहा प्रशासन सख्त रहे, हम उसका साथ देंगे। नगर की सद्भावना, कौमी एकता और अमनचैन पर आंच नहीं आने देंगे।
बैठक के बाद सपाई सीओ रामानंद राय से मिले और उन्हें ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया है कि अयोध्या प्रकरण पर जिस दिन फैसला आया, उस दिन पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद था। दोनों समुदायों के लोगों ने प्रशासन की मदद करते हुए बहेड़ी में कौमी एकता की मिसाल को बरकरार रखा। अब जब इस मसले पर कोई किसी तरह की टिप्पणी नहीं कर रहा है और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को सभी ने स्वीकारा है तो नगर के दो नेता इस मामले को तूल देने के लिए कोई न कोई ड्रामा कर रहे हैं। बहेड़ी के शांत माहौल में चिंगारी लगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान नासिर रजा, लईक अहमद चांदनी, विजय शर्मा, पीर मोहम्मद, अमित सिंह, चंद्रपाल सिंह, सरदार गोविंदर ग्रेवाल, अखलाक, बालमुकुंद गंगवार आदि मौजूद रहे।