आठ ऑटोलिफ्टर गिरफ्तार, 22 बाइक बरामद
पुलिस ने घेरा तो की फायरिंग, पुलिस ने भी चलाईं गोलियां
बहेड़ी पुलिस ने किया खुलासा, तीन दिन से पकड़ रखे थे बाइक चोर, कुछ को छोड़ने की भी चर्चा
बहेड़ी। थाना पुलिस ने वाहन चोरों के एक गैंग को पकड़कर चोरी की 22 बाइकें बरामद की हैं। इनमें से तीन को वह काट भी चुके थे। एसएसपी ने टीम को शाबासी दी है। पुलिस तीन दिन से बाइक चोरों की धरपकड़ कर रही थी। शाही के एक ऑटो लिफ्टर समेत कुछ को छोड़ने की भी चर्चा है।
पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान दो स्थानों से मुठभेड़ के बाद ऑटोलिफ्टर गैंग के आठ सदस्यों को पकड़ा। पुलिस के घेरने पर बाइक चोरों ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग करते हुए उन्हें घेर लिया और आठ बाइक चोरों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनका एक साथी फायरिंग करता हुआ चोरी की बाइक लेकर भाग गया। पकडे़ गए अभियुक्तों से पुलिस दो दिन तक पूछताछ करती रही। देर रात एसपी क्राइम ने भी थाने आकर पूछताछ की तो एक मैकेनिक के सिरौली स्थित गोदाम से चोरी की बाइस बाइकें बरामद की गईं। पकडे़ गए बदमाशों से असलहे भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बाइक चोर गैंग का सरगना शाही के दो युवकों को बताया है। ये दोनों भी पुलिस की गिरफ्त में हैं।
बहेड़ी क्षेत्र में लगातार बाइक चोरी की घटनाएं होने पर एसएसपी ने पुलिस को चेतावनी दी थी। इसके बाद सीओ रामानंद राय ने इंस्पेक्टर के साथ मिलकर दो टीमें बनाईं। मुखबिर की सूचना पर दोनों टीमों को रूपपुर और कताई मिल रोड पर लगाया गया। यहां से गुजरते बदमाशों को रोका तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी करके शाही के ताहिर खां, अजीम उर्फ जग्गा, तौसीफ, पस्तौर के आरिफ खां, जाजूनागर के निशांत, इमरान, आजमनगर के शाहिल खां, सिरौली के तस्लीम को पकड़ लिया। इनका साथी सोनू निवासी सिंह गौंटिया पुलिस पर फायरिंग करता हुआ चोरी की बाइक लेकर भाग गया। इनसे आठ बाइकें बरामद हुईं। थाने लाकर दो दिन तक पूछताछ की गई लेकिन कामयाबी नहीं मिली। गुरुवार रात एसपी देहात और एसपी क्राइम ने सख्ती से पूछताछ की तो इन लोगों ने बाइक मैकेनिक तस्लीम को बाइकें बेचना कबूल किया। तस्लीम के यहां रात में ही छापा मारकर उसे पकड़ा गया तो उसने रामपुर बरेली बार्डर पर बिशनपुर बगिया के पास एक गोदाम से 14 बाइकें और बरामद करा दीं। पुलिस ने आरोपियों से तीन तमंचे, दो कारतूस बरामद करने का दावा किया है। पूछताछ में बताया कि ये लोग बहेड़ी, इज्जतनगर, सीबीगंज, किला आदि क्षेत्रों से बाइक चोरी कर तस्लीम मिस्त्री को बेचते थे। वह बाइक के इंजन और चेसिस नंबर और नंबर प्लेट बदल देता था। फर्जी कागजात तैयार कर बाइकें उत्तराखंड और नेपाल ले जाकर बेच देता था।