बरेली। अमर उजाला के अपराजिता अभियान से शहर के तमाम स्कूल, कॉलेज जुड़ रहे हैं और समाज में नारी सम्मान के लिए एक माहौल तैयार करने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। बुधवार को इस अभियान में एक अहम कड़ी जुड़ी। श्रीराधा रानी सत्संग समिति और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संयुक्त प्रयास से श्री त्रिवटीनाथ मंदिर में आयोजित भागवत कथा में व्यास पीठ पर विराजित राधा स्वरूपा जया किशोरी ने अभियान की जमकर सराहना की। कहा, अगर भगवान को धरती पर अवतार लेकर आना पड़े तो उनको भी नारी का सहारा लेना होगा। आज हमारे समाज में नारी को ही अपमानित किया जाता है। वहीं प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक ने अभियान की न केवल जमकर सराहना की बल्कि सरकार से सहयोग कराने की भी बात कही।
भागवत कथा के दौरान सैकड़ों महिलाओं और किशोरियों ने अमर उजाला के अपराजिता अभियान का शपथ पत्र भरा। कथा के समापन पर राधा स्वरूपा जया किशोरी ने श्रद्धालुओं को अपराजिता की शपथ दिलाई। उन्होंने कथा सुनाने से पहले नारी सम्मान और समाज के बदलते स्वरूप पर चिंता भी जाहिर की। कहा, आज नारी हिंसा, शोषण, अपमान का शिकार हो रही है। बाहर ही नहीं बल्कि मां के गर्भ में भी बेटी सुरक्षित नहीं, उसका गर्भ में ही कत्ल कर दिया जाता है। जबकि नारी के बगैर संसार की कल्पना नहीं की जा सकती। सामान्य मनुष्य की बात तो दूर, भगवान भी बिना नारी के धरती पर अवतार नहीं ले सकते।
आज भी बेटा-बेटियों की परवरिश में भेदभाव किया जाता है। बेटी के सपनों को सपना नहीं समझा जाता। बचपन से ही कहा जाता, बेटा है तो हर गलती कर सकता है, बेटी ये नहीं कर सकती, वो नहीं कर सकती। बेटे को भी बचपन से नारी का सम्मान करने की सीख देनी चाहिए। उन्होंने बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। कहा कि बेटी शिक्षित होगी तो ससुराल में भी सम्मान से रह सकेगी। उसे किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं। आज बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर नहीं बनाया तो हम अपने कल के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बेटा-बेटी दोनों को समान माहौल और अवसर दें। कहा, बचपन से ही बच्चों के दिमाग में लड़का और लड़की का फर्क डाल दिया जाता है, जो समाज का स्वरूप ही बदल कर रख देता है। हर मुश्किल को दरकिनार कर बेटियों को काबिल बनाएं।
अमर उजाला की सराहनीय पहल, सरकार से सहयोग कराने का करेंगे प्रयास: बृजेश पाठक
कथा में पहुंचे प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक ने अमर उजाला के अपराजिता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि नारी सम्मान के लिए इस तरह की पहल बेहद जरूरी है। वह कोशिश करेंगे कि अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार से सहयोग मिले। उन्होंने कहा कि सृष्टि की परिकल्पना बिना नारी से संभव नहीं। आज महिलाएं शोषण का शिकार हो रही हैं। घरेलू हिंसा के मामले बढ़े हैं। उन्होंने अभियान सफल होने की शुभकामनाएं दीं। कहा कि समाज के लोगों को भी इस अभियान से जुड़ना चाहिए।