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UP News: यूपी के इस जिले में बनेगी ऐसी गोशाला, जहां पांच रुपये प्रति लीटर खरीदा जाएगा गो-मूत्र

Sat, 14 Jun 2025 07:02 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

मझगवां विकास खंड स्थित खनगवां श्याम गांव की गोशाला को गो-आधारित खेती के लिए मॉडल बनाया जाएगा। यूपी की यह ऐसी पहली गोशाला होगी, जहां गोमूत्र खरीदा जाएगा। गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्यामबिहारी गुप्ता ने शुक्रवार को इस गोशाला का निरीक्षण किया। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के मझगवां विकास खंड स्थित खनगवां श्याम गांव की गोशाला को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनाते हुए गो-आधारित खेती के लिए मॉडल बनाएंगे। यूपी की यह पहली गोशाला होगी, जहां पर पांच रुपये प्रति लीटर गो-मूत्र खरीदा जाएगा। गोमूत्र से कीटनाशक जीवामृत, बीजामृत और घनजीवामृत तैयार होंगे।

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प्रस्तावित मॉडल को लागू करने के लिए गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्यामबिहारी गुप्ता ने शुक्रवार को सर्किट हाउस के सभाकक्ष में गो संरक्षण के लिए बनी मंडल स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक में मंडलीय अधिकारियों को पूरा प्रारूप समझाया। खनगवां श्याम की गोशाला का स्थलीय निरीक्षण भी किया।

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अध्यक्ष ने बताया कि खनगवां श्याम की गोशाला को गो-आधारित खेती के लिए केंद्र बनाकर विकास खंड के 92 गांवों को जोड़ा जाएगा। प्रत्येक गांव के उन किसानों को भी प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करेंगे, जिनके पास गाय है। जिन किसानों के पास गाय नहीं है उन्हें भी प्राकृतिक खेती के फायदे समझाए जाएंगे।

गोशालाओं का निरीक्षण किया
बैठक से पहले गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला, फिरोजाबाद से सदस्य रमाकांत उपाध्यक्ष, जालौन से राजेश सिंह सेंगर, मुरादाबाद से दीपक गोयल ने अधकटा नजराना, महेशपुर और शरीफनगर की गोशालाओं का निरीक्षण किया। बैठक में बरखेड़ा के विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, अपर निदेशक पशु पालन डॉ. एमपी सिंह, सीडीओ देवयानी, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, पुलिस अधीक्षक मानुष पारीक के अलावा कई मंडलीय अधिकारी व चारों जिलों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।

ये है प्रारूप
  • गोशाला की सभी गाय भागीदारी योजना में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी जाएंगी। एक गाय का पालन करने के बदले 1500 रुपये महीने मिलेगा।
  • पशुपालन करने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के परिसर में मनरेगा से बायोगैस संयंत्र लगेंगे। नाद और कैटल शेड का निर्माण कराया जाएगा।
  • प्राकृतिक खेती से पैदा होने वाले फल, सब्जी और खाद्यान्न की बिक्री का नेटवर्क तैयार होगा। किसानों को दाम और लोगों जहर मुक्त खाद्यान्न का लक्ष्य है।
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कैसे गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया जाना है? इस पर मंडलीय अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक हुई है। खनगवां के लिए सीडीओ को जिम्मेदारी दी गई है। अब हर महीने मेरा और आयोग के सदस्यों का दौरा होगा। यूपी में खनगवां की गोशाला का मॉडल प्रेरक साबित हो, यही लक्ष्य है।- श्यामबिहारी गुप्ता, अध्यक्ष गो-सेवा आयोग

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