फतेहगंज पश्चिमी। स्टोर में लोगों से दान में मिला भूसा भरा होने के बाद भी सिस्टम के अड़ंगे की वजह से फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक की राफियाबाद गोशाला में गायों की भूख से मौत हो गई। एक के बाद एक चार गायों की जान चली गई तब सिस्टम जागा। मंगलवार को एसडीएम और बीडीओ ने गोशाला का निरीक्षण कर केयरटेकर और चारा पहुंचाने वाले ठेकेदार को फटकार लगाई। उन्होंने पर्याप्त चारे का इंतजाम करने के निर्देश दिए।
ब्लॉक फतेहगंज पश्चिमी के गांव राफियाबाद में स्थित गोशाला में 357 गोवंश हैं। इन्हें एक महीने से नियमित चारा नहीं मिल पा रहा है। इस कारण चार गोवंश दम तोड़ चुके हैं। करीब आधा दर्जन गंभीर रूप से बीमार हैं। यह स्थिति तब है जब लोगों से दान में मिला भूसा स्टोर में भरा हुआ है लेकिन अफसरों की इजाजत न होने पर केयरटेकर ने भूसा गोवंश को नहीं खिलाया। कई दिन से भूखे चार गोवंश की जब हालत बिगड़ने से मौत हो गई और छह की हालत बिगड़ने लगी तो सोमवार को केयरटेकर भूपेंद्र गंगवार ने बीडीओ आनंद विजय यादव को फोन किया, इसके बाद शाम करीब चार बजे बीडीओ गोशाला पहुंचे और स्टोर में रखा भूसा गाय को खिलाने के निर्देश दिए। साथ ही ठेकेदार रचित अग्रवाल को बुलाकर समय से चारा पहुंचाने के निर्देश दिए।
एसडीएम कुमार धर्मेंद्र सिंह ने मंगलवार सुबह दस बजे गोशाला का निरीक्षण कर ठेकेदार और केयरटेकर की फटकार लगाई। साथ ही कमजोर और स्वस्थ गाय को अलग-अलग रखने के निर्देश दिए। साथ ही सीसीटीवी कैमरे लगवाने को कहा। दोबारा लापरवाही करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
भेजना था 435 क्विंटल चारा, भेजा केवल 168
मानक के अनुसार एक महीने में गोशाला में मौजूद 357 गोवंश के लिए 435 क्विंटल चारा दिया जाना था लेकिन अक्तूबर माह में 12 बार में केवल 168 क्विंटल चारा ही दिया गया। इस वजह से नियमित चारा न मिलने से गायें कमजोर होती चली गई और बीमारी की चपेट में आ गई। कई-कई दिनों तक भूखे रहने से उनकी मौत हो गई। इस स्थिति में केयरटेकर ने अफसरों को फोन किया और ठेकेदार से चारा भिजवाने के साथ ही स्टोर में भरा चारा गायों को खिलाने की इजाजत मांगी।
- गोशाला के स्टोर में भरा भूसा लोगों की ओर से दान किया गया है, जो आपात स्थिति में गोवंश का खिलाया जाता है, इसके लिए किसी जिम्मेदार से अनुमति लेने होती है। केयरटेकर ने अनुमति लेने में लापरवाही बरती है। उसे चेतावनी दी गई है। - आनंद विजय यादव, बीडीओ फतेहगंज पश्चिमी