शाहजहांपुर। लखनऊ में कोरोना संक्रमित महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सर्विलांस अधिकारी के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के बाद पुराने जिला अस्पताल में कोविड कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई। टीबी रोगियों के साथ पॉजिटिव मरीजों को तलाशने के लिए शहरी क्षेत्र में 16 टीमों का गठन कर दिशा-निर्देश दिए हैं।
कोविड के नए वेरियंट को लेकर प्रदेश सरकार ने पूर्व में अलर्ट जारी कर दिया था। इसके बाद सीएचसी के लिए एक-एक टीम का गठन किया था। गत दिनों सर्विलांस अधिकारी डॉ.शैलेंद्र भटनागर ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये कोविड से बचाव को लेकर निर्देश दिए थे। इसी क्रम में सीएमओ कार्यालय के सामने कोविड कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई। बुधवार को लखनऊ में महिला की मौत के बाद सतर्कता को बढ़ा दिया गया। एसीएमओ डॉ.अंसार अली ने बताया कि शहरी क्षेत्र में कोविड के संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए 16 टीमों का गठन किया गया। एएनएम और आशा वर्कर लोगों के बीच में जाकर बुखार, जुकाम और खांसी से पीड़ित मरीज के बारे में सूचना क्षय रोग के एलटी, एसटीएलस को देंगी। वे मरीज की टीबी और कोविड की जांच कराएंगे।
आठ को प्रमुख सचिव के साथ हाेगी बैठक
-डॉ.अंसार के अनुसार, आठ जनवरी को प्रमुख सचिव के साथ बैठक होनी है। इसमें कोविड से बचाव को लेकर चर्चा की जाएगी। फरवरी में फिर से टीबी खोजी रोगी अभियान का दूसरा चरण शुरू होगा। इसमें घर-घर जाकर जांच होगी। कोविड को देखते हुए एक बार फिर से माॅकड्रिल कराने की तैयारी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज, तिलहर, जलालाबाद, पुवायां और खुटार सीएचसी में मॉकड्रिल की जाएगी।
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-कोविड को लेकर एसीएमओ डॉ.अंसार अली को जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने बैठक को लेकर कार्ययोजना को तैयार कर लिया है। कोविड से बचाव को पूरी तैयारी कर ली गई है।
डॉ.आरके गौतम, सीएमओ