बदायूं/ककराला। एक ओर राज्य सरकार और जिला प्रशासन कोरोना की रोकथाम में जी जान से जुटी है, वहीं दिल्ली से भाग कर आने वाले कोरोना पाजिटिव लोगों की वजह से बार-बार स्थानीय प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो जा रही है। दिल्ली सरकार और वहां का प्रशासन कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को किस तरह वहां से आने दे रहा है, यह एक जांच का विषय है लेकिन बार-बार दिल्ली से संक्रमित लोगों के इस तरह भागकर आने से प्रशासन के साथ स्थानीय लोगों की जान को लेकर भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है। ऐसा ही एक मामला बृहस्पतिवार को भी सामने आया जब कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि के बावजूद एक मरीज आनंद बिहार स्टैंड से रोडवेज बस में सफर करता हुआ बदायूं तक आ पहुंचा। यहां से टेंपो में सवार होकर अपने घर आ गया। चौथे दिन जिला प्रशासन को इसकी सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन उसके मोहल्ले को सील करा दिया गया। वहीं परिवार वालों को क्वांरटीन करते हुए उसे उझानी के कोविड-19 अस्पताल भेजा गया है।
ककराला कस्बे के वार्ड नंबर-21 निवासी एक युवक छह-सात माह से दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में रह रहा था। 25 वर्षीय यह युवक दिल्ली में किराए पर गाड़ी चलाता है। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक युवक को 30 मई को आंख में चोट लग गई थी। इस पर युवक उस दिन दिल्ली के गुरुनानक हॉस्पिटल इलाज कराने पहुंचा। वहां चिकित्सकों ने युवक को दवा तो दी, साथ ही उसके पर्चे पर कोरोना संक्रमण की जांच लिख दी। एक जून को युवक दीनदयाल पंडित उपाध्याय अस्पताल पहुंचा जहां उसका सैंपल लिया गया। फिर युवक को उसके कमरे पर उत्तमनगर भेज दिया गया। बताते हैं कि उसकी रिपोर्ट तीन जून को पॉजिटिव आई थी।
तीन जून को दिल्ली प्रशासन ने युवक को कोरोना संक्रमित होने की जानकारी तो दी लेकिन न तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और न ही उसका उपचार ही शुरू किया गया। हालांकि उसे वह कमरे पर ही रहने और बाहर न निकलने की हिदायत जरूर दी गई। युवक सात जून तक कमरे में रहा। उसी रात वह कमरे में ताला डालकर आनंद बिहार बस स्टैंड पहुंचा और रोडवेज बस में बैठकर बदायूं पहुंचा। यहां से टेंपो में सवार होकर घर पहुंच गया। बताते हैं कि गुरुवार सुबह युवक मोहल्ले में बैठा अपनी रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जिक्र कर रहा था। जैसे ही लोगों ने सुना कि उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी। इस पर अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जब उसकी रिपोर्ट देखी गई तो वह वास्तव में कोरोना पॉजिटिव निकला।
इधर, जिला प्रशासन दावा कर रहा है कि इस संबंध में स्थानीय पुलिस को सूचना मिली थी। इस पर एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य, अलापुर इंस्पेक्टर कृष्ण गोपाल शर्मा, नगर पालिका ईओ राम सिंह, राजस्व निरीक्षक नीरज चौहान, डॉ. भुवनेश कुमार अपनी टीम के साथ पहुंच गए। पॉजिटिव युवक के परिवार में दो भाई, मां और उनकी दो बहुओं समेत 12 लोगों को होम क्वांरटीन किया गया है जबकि युवक को उझानी कोविड-19 हॉस्पिटल भेज दिया गया है। ककराला के वार्ड नंबर 21 को बैरियर लगाकर सील किया जा रहा है।
कोरोना पॉजिटिव की लंबी निकलेगी ट्रैवल हिस्ट्री
ककराला में दिल्ली से भागकर आए कोरोना पॉजिटिव की ट्रैवल हिस्ट्री लंबी निकलने वाली है। दिल्ली से लेकर ककराला तक उसके संपर्क में दर्जनों लोग आए होंगे। रोडवेज बस में करीब 40-50 लोग होंगे तो वहीं टेंपो में आठ-दस लोगों का अनुमान लगाया जा रहा है। इनके अलावा वह मोहल्ले और परिवार वालों से मिलता रहा। कई बार बदायूं भी आया। इनकी संख्या अलग आंकड़ा बढ़ाएगी। वास्तव में इससे ककराला की स्थिति बहुत संवेदनशील होती जा रही है। अधिकारियों ने उसकी ट्रैवल हिस्ट्री खंगालनी शुरू कर दी है।
दो नेत्र चिकित्सालयों में कराया था इलाज
ककराला में कोरोना पॉजिटिव निकले युवक ने जिले के दो नेत्र चिकित्सालयों में अपनी आंख का इलाज कराया था। सबसे पहले उसने ककराला के ही एक डॉक्टर को अपनी आंख दिखाई। उसने ये केस रोडवेज स्टैंड के नजदीक नेत्र चिकित्सालय को रेफर कर दिया। इस पर युवक यहां आया। इसके बाद युवक ने शहर के एक प्राइवेट नेत्र चिकित्सालय में अपनी आंख का इलाज कराया। इससे स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।
बरेली में निकली कोरोना पॉजिटिव महिला, परिजन क्वांरटीन
दातागंज/बदायूं। बरेली में बुधवार शाम आई रिपोर्ट में दातागंज की एक महिला भी कोरोना पॉजिटिव निकली है। ये महिला दातागंज कस्बे में ख्वाजा कॉलोनी निवासी है। उसका बरेली के श्री राममूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। बुधवार शाम उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इसकी सूचना पर गुरुवार सुबह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों अलावा स्वास्थ्य केंद्र से डॉ. देवेंद्र कुमार पहुंच गए। उन्होंने महिला के परिवार वालों को होम क्वांरटीन करा दिया है। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारियों ने मोहल्ले को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।