शराब कारोबारी से बिल्डर बने अनेजा ग्रुप ने मिशन अस्पताल के पीछे निर्माणाधीन शॉपिंग मॉल का दायरा बढ़ाने के लिए सरकारी नाला मिट्टी डालकर पाट दिया। अभी शॉपिंग मॉल का बेसमेंट ही बन रहा है। आगे कितने मंजिल बिल्डिंग बनेगी। ये बीडीए के इंजीनियर भी नहीं जानते क्योंकि ये मामला हाईप्रोफाइल है।अनेजा के पहले निर्माण में अड़चन आने पर बरेली के डीएम कमिश्नर तक बदल गए थे। बिल्डिंग का नक्शा बीडीए के एई और जेई को भी देखने को नहीं मिला। मिशन कंपाउंड में रहने वाले परिवारों ने नाला पाटने का विरोध करते हुए नगर निगम में शिकायत की थी। दो दिन पहले उन्होंने एक ट्रैक्टर चालक को पकड़ पर पुलिस को भी सौंपा था। सोमवार को नगर निगम के एक्सईएन गयूर अहमद की अगुवाई में टीम ने मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद बिल्डर ने नाले की मिट्टी जेसीबी से निकलवाना शुरू करा दिया। बिल्डर ने अमरपाल सिंह रोंपी का कहना है कि उनका इरादा कब्जा करने का नहीं है। मिट्टी उधर फेंकने के लिए ्स्थायी तौर पर नाला बंद किया था। खुदाई की मिट्टी नाले के आगे तक जिस तरह चर्च की जमीन पर इस कर रखी है जिससे बिल्डर की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं।
बटलर प्लाजा के पीछे और एडीएम कंपाउंड के सामने अनेजा ग्रुप ने मथोडिस्ट चर्च की करीब 12.5 हजार वर्ग मीटर जमीन खरीद रखी है। हालांकि बिल्डर के लोग अपनी जमीन 15 हजार वर्ग गज बता रहे हैं। शॉपिंग मॉल बनाने के लिए बिल्डिर ने बेसमेंट बनाने के लिए 10 से 15 फुट तक खुदाई की। अब यहां बेसमेंट निर्माण का काम चल रहा है। शॉपिंग मॉल से लगभग 10 फुट दूर नगर निगम के नाले को भी जेसीबी से पाट दिया गया। मिशन कंपाउंड में रहने वाले नवीन मैसी की मानें तो बिल्डर ने सरकारी नाले के साथ ही चर्च की जमीन को कब्जा करने की नियत से पाटा है। संजय मैसी, निशि, मीरा, केतु मैसी आदि का कहना था कि चर्च का ट्रस्ट बना है। बिल्डर ने उनमें कुछ पदाधिकारियों से मिलकर चर्च की जमीन सस्ते में खरीद ली और बाकी की जमीन पर अनाधिकृत कब्जा करना चाहते हैं। कालोनी के लोगों ने बिल्डर की मनमानी का विरोध करते हुए नगर निगम में शिकायत की। इसे लेकर उनकी बिल्डर से नोकझोंक भी हुई। नगर निगम की टीम एक्सईएन गयूर अहमद की अगुवाई में मौके का निरीक्षण करने गई। इसके बाद बिल्डर की जेसीबी ने नाले की सफाई करानी शुरू करा दी और कहा कि उनका सरकारी या ट्रस्ट की जमीन पर कब्जे का कोई इरादा नहीं है। नाले पर मिट्टी का बांध अस्थाई रूप से बनाया था। इस नाले से आधे शहर के पानी की निकासी होती है।
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नाले पर मिट्टी डालकर बांध बनाया गया था ताकि जेसीबी निर्माणाधीन बिल्डिंग तक आसानी से पहुंच जाए। इससे लोगों में गलतफहमी पैदा हो गई कि हम जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। हम नाले को साफ करा रहे हैं। हमारा सरकारी या चर्च की किसी जमीन पर कब्जा करने का कोई इरादा नहीं है।
अमरपाल रोंपी, अनेजा ग्रुप