सेवानिवृत हवलदारों ने दी गवाही
राजेश और ध्रुव का कैंट के सदर इलाके में काफी आतंक था। जब इस मामले में कोई गवाही के लिए तैयार नहीं हो रहा था तो सेवानिवृत हवलदार कुलदीप सिंह का साहस काम आया। अभियोजन की ओर से वकील अरुण कुमार सक्सेना ने कोर्ट को स्थिति से अवगत कराया। कोर्ट ने एसएसपी को गवाहों को सुरक्षा देने और मामले की जांच के लिए लिखा। इसके कुछ दिन बाद ही अदालत ने दोनों अभियुक्तों की जमानत खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया। सेवानिवृत हवलदार कुलदीप सिंह, भरत सिंह सोलंकी, पीड़िता व उसके पति ने साहस करके गवाही दी और मामले को अंजाम तक पहुचाया।
अनिल की पत्नी बोलीं- दिल को सुकून मिला
आंख में आंसू लिए अदालत में बैठी मृत लांस नायक अनिल कुमार की पत्नी सोनी देवी ने कहा कि उनके दिल को आज सुकून मिला है। यहां तक पहुंचने के लिए बहुत मुश्किल उठानी पड़ी लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अब उनके सामने अपने दो बेटों का भविष्य है।
पूर्व फौजियों ने खुशी मनाई
अदालत का फैसला आने से पहले ही कई पूर्व फौजी न्यायालय परिसर के बाहर एकत्र हो गए थे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए खुशी मनाई। ये लोग जय जवान जय किसान और जय हिंदुस्तान के नारे लगा रहे थे। कोर्ट के फैसले पर इन्होंने संतुष्टि जाहिर की। कहा कि उनके साथी की आत्मा को शांति मिली है।