बरेली के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तृतीय की कोर्ट ने वर्ष 2021 के हत्या के एक मामले में सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषसिद्ध अभियुक्तों में शेरगढ़ थाने के मोहम्मपुर गांव निवासी सुखदेव व उसका पुत्र रवि, उसका भाई वेद प्रकाश व उसके पुत्र धर्मेंद्र, जितेंद्र, मुनेंद्र और एक अन्य करीबी संजीव शामिल है। यह सभी भूमाफिया हैं। इन अभियुक्तों को बरेली पुलिस ने वर्ष 2024 में अपराध माफिया व भूमाफिया घोषित किया था।
अभियोजन के अनुसार, 19 मई 2021 को मोहम्मदपुर गांव में शादी के मंडप में दिनदहाड़े सुरेंद्र पाल की धारदार हथियारों और हथौड़ा, बेलचा व तलवार से वार कर हत्या कर दी गई थी। वारदात को जमीन विवाद की रंजिश में अंजाम दिया गया था। मामले को लेकर शेरगढ़ थाने में सुरेंद्र पाल के भतीजे जसपाल ने हत्या सहित अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अदालत ने विचारण के दौरान तथ्य और साक्ष्य के आधार पर वेद प्रकाश और उसके करीबियों को दोषी पाया। इसी आधार पर सभी को सजा सुनाई गई।
पुलिस-प्रशासन ने मुक्त कराई थी 125 बीघा जमीन
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रीतराम राजपूत ने बताया कि सभी अभियुक्त मोहम्मदपुर गांव के गरीब लोगों की लगभग 125 बीघा जमीन पर गुंडागर्दी से अवैध कब्जा कर रखे थे। तकरीबन तीन करोड़ रुपये की जमीन को अभियुक्तों ने फर्जी तरीके से अपने नाम करा लिया था।
वादी और गांव के लोगों के बार-बार शिकायत करने पर जिलाधिकारी के निर्देशन में उप जिलाधिकारी बहेड़ी व शेरगढ़ थाने की पुलिस मौके पर जाकर दिनांक 11 मई 2022 को पैमाइश कराकर अभियुक्तों से 125 बीघा जमीन को मुक्त कराई थी। साथ ही, गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराध से अर्जित उनकी दो करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी।