नवाबगंज। लखनऊ तक सुर्खियों में रहने वाली नवाबगंज नगर पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर के वित्तीय अधिकारों पर लगी रोक पर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया है। वित्तीय अधिकारों से रोक हटने पर उनके समर्थकों में खुशी की लहर है।
नगर पालिका अध्यक्ष शहला ताहिर पर विकास कार्यों में अनियमितताएं बरतने के आरोप में डीएम वीरेंद्र कुमार ने शासन से शिकायत करते हुए उनके वित्तीय अधिकारों को सीज करने की मांग की थी। नगर विकास प्रमुख सचिव मनोज कुमार ने 19 अगस्त को पालिकाध्यक्ष के वित्तीय अधिकार सीज करने के आदेश दे दिए थे। अधिकारी सीज होने की जानकारी मिलते ही शहला ताहिर हाईकोर्ट की शरण में चली गईं। उनकी ओर से अधिवक्ता शशिनंदन ने हाईकोर्ट में पालिकाध्यक्ष का पक्ष रखा, जबकि नगर पालिका की ओर अधिवक्ता अशोक खरे, मनु रस्तोगी और अजीत कुमार सिंह ने वित्तीय अधिकारों रोक हटाने का विरोध किया। दोनों पक्षों बहस सुनने के बाद न्यायमूर्तियों ने पालिकाध्यक्ष के अधिकारों पर लगी रोक के आदेश पर स्टे दे दिया। हाईकोर्ट ने पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा गया था। जवाब का इंतजार किए बिना ही 19 अगस्त को प्रशासन ने उनके अधिकारों पर रोक लगा दी थी। शहला आदेश की कॉपी मिलने के बाद ही नगर पालिका की कुर्सी पर बैठेगी। वहीं नगर में उनके समर्थकों में स्टे मिलने की खुशी पर जगह जगह मिष्ठान वितरण किया।