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चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरणः चिन्मयानंद की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ी

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अगली पेशी 30 अक्तूबर को होगी, शाम चार बजे के बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई रिमांड पेशी

शाहजहांपुर। एलएलएम की छात्रा से दुष्कर्म मामले में आरोपी पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद की बुधवार शाम रिमांड पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई। अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत अवधि 14 दिन और बढ़ा दी है। चिन्मयानंद की अगली पेशी 30 अक्तूबर को होगी। उधर, चिन्मयानंद से फिरौती मांगने के आरोपी संजय सिंह के जमानत प्रार्थना पत्र पर बहस 17 अक्तूबर को होगी।
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एसएस कॉलेज में एलएलएम की एक छात्र ने चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। जिसके चलते वह जेल में बंद हैं। हालांकि पीड़ित छात्रा और उसके तीन दोस्तों भी चिन्मयानंद से पांच करोड़ फिरौती मांगने के आरोप में जेल में बंद हैं। प्रशासन पीड़ित छात्रा और चिन्मयानंद की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है इसलिए चिन्मयानंद और पीड़ित छात्रा की अदालत में रिमांड पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कराई जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से रिमांड पेशी के समय में भी परिवर्तन कर दिया जाता है। बुधवार को उम्मीद थी कि चिन्मयानंद की रिमांड पेशी दोपहर तक हो जाएगी, लेकिन दोनों पक्षों से जुड़े लोग इंतजार करते ही रह गए। शाम करीब 4:30 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये चिन्मयानंद की रिमांड पेशी हुई। कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए और बढ़ाते हुए रिमांड पेशी के लिए अगली तारीख 30 अक्तूबर तय कर दी।
दरअसल दुष्कर्म के आरोप में चिन्मयानंद को एसआईटी ने 20 सितंबर को मुमुक्षु आश्रम से गिरफ्तार किया था। तभी से वह जेल में बंद हैं। उन्हें जेल से बाहर निकालने के लिए वकीलों ने उनके जमानत प्रार्थना पत्र पर 30 सितंबर को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामबाबू शर्मा की कोर्ट में एक घंटे से अधिक बहस की थी, लेकिन कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था।
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22 सितंबर के बाद हाईकोर्ट में लगाई जा सकती है जमानत अर्जी
निचली अदालत में जमानत अर्जी खारिज होने के बाद चिन्मयानंद के वकील कानूनी राय मशविरा के बाद हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक चिन्मयानंद की जमानत के लिए 22 सितंबर को प्रार्थना पत्र हाईकोर्ट में दाखिल किया जा सकता है। चिन्मयानंद के वकीलों को एसआईटी की ओर से 22 सितंबर को हाईकोर्ट में दाखिल करने वाली स्टेट्स रिपोर्ट का इंतजार है।

छात्रा की जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल
सूत्रों के मुताबिक छात्रा की जमानत के लिए उनके वकील ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल कर दी है। जमानत पर किसी तरह की आपत्ति न लग पाए इसलिए छात्रा की ओर से बचाव के कई कानूनी दांव पेच आजमाते हुए फिरौती मामले में संजय को किंग मेकर और छात्रा को इस घटना में मोहरा के तौर पर इस्तेमाल करने की बात कही गई है। वहीं छात्रा के पिता ने बताया कि वह हाईकोर्ट में जमानत के लिए वकीलों से राय मशविरा ले रहे हैं।
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