बरेली। दहेज के लिए पत्नी की हत्या के आरोपी पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश इंद्र प्रकाश ने किया। दौरान गवाही मृतका के मां-बाप अपने बयानों से मुकर गए थे।
गांव रिछौला चौधरी, नवाबगंज के रहने वाले महेंद्र पाल ने 20 अक्तूबर, 2017 को थाना देवरनिया में रिपोर्ट लिखाई। इसमें कहा कि उनकी बेटी का विवाह 30 अप्रैल, 2011 को देवरनिया के गांव उदरा निवासी मनोज कुमार से हुआ था। दो अक्तूबर को शाम 5:30 बजे मनोज के पड़ोसी ने उन्हें फोन पर बताया कि उनकी बेटी मिथलेश की मौत हो गई है। महेंद्र पाल ने आरोप लगाया कि बेटी का पति मनोज कुमार, देवर प्रेमपाल, ससुर महेंद्र पाल, सास नत्थो देवी, ननद और ननदोई उसे कम दहेज लाने का ताना देकर अक्सर उसके साथ मारपीट करते थे। ये लोग दहेज में एक प्लॉट और मोटर साइकिल की मांग करते थे। दहेज न मिलने पर इन लोगों ने बेटी की हत्या कर दी। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र पति मनोज के खिलाफ प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील संतोष श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। दौरान गवाही मृतका के मां बाप, बहन और चाचा पुलिस को दिए अपने बयानों से कोर्ट में मुकर गए। कोर्ट ने अभियुक्त मनोज को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने अभियुक्त पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।