बरेली। खड़ंजे के विवाद में हुई मारपीट में गैर इरादतन हत्या के चार आरोपियों को दस-दस साल कैद की सजा सुनाई गई। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश शकील अहमद खां ने किया।
घटना थाना बिशारतगंज में आठ अक्तूबर 2008 की है, जिसकी जुबानी सूचना वादी भजन लाल ने दी। अभियोजन की ओर से बताया गया कि घटना वाले दिन गांव में ग्राम विकास निधि से खड़ंजा पड़ रहा था। गांव के प्रधान व लेखपाल खड़ंजा डलवा रहे थे। शाम के तीन बजे जब प्रधान और लेखपाल खाना खाने गए तो अभियुक्त राजेंद्र, प्रद्युमभन, श्रीकृष्ण और श्रीनारायन वहां पहुंचे और लेबर को भगा दिया। यह लोग अपनी जगह में खड़ंजा डालने लगे तो वादी ने एतराज किया। इस पर यह लोग लाठी डंडे से मारपीट करने लगे। मारपीट में उसके व उसके चाचा रिषीपाल को काफी चोटें आईं। वादी के पिता उसे व उसके चाचा रिषीपाल को घायल अवस्था में लेकर अस्पताल गए, जहां चाचा की इलाज के दौरान मौत हो गई।
अभियोजन की ओर से राजेंद्र, प्रद्युमभन, श्रीकृष्ण व श्रीनारायन को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए दस-दस साल कैद की सजा सुनाई और हर एक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने जुर्माने की धनराशि में से 15000 रुपये मृतक के परिजनों को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया है।