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144 धारा लागू, स्कूल-कॉलेज बंद मगर बाजार खुले रहेंगे

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144 धारा लागू, स्कूल-कॉलेज बंद मगर बाजार खुले रहेंगे - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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प्रशासन ने शिक्षण संस्थाएं बंद करने का लिया फैसला मगर बाजारों को व्यापारियों की मर्जी पर छोड़ा
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बरेली। अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थाएं 11 अक्तूबर तक बंद रखने का आदेश दिया है, लेकिन बाजार को व्यापारियों की मर्जी पर छोड़ दिया है। व्यापारियों ने बाजार खोलने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि बाजार बंद रहने से गलत संदेश जाएगा। बाजार खुला रहेगा तो लोगों के मन में किसी तरह का कोई संदेह या डर नहीं पनप पाएगा। प्रशासन यूं तो शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चाक-चौबंद इंतजाम करने में जुटा है, लोग भी यह मान रहे हैं कि फैसले का सभी सम्मान करेंगे और किसी तरह का कोई विवाद सामने नहीं आएगा, लेकिन इस सबके बावजूद आशंकाएं भी कम नहीं है। इसी के चलते लोग शुक्रवार देर रात तक दैनिक उपयोग की वस्तुओं, राशन और सब्जी की खरीदारी में जुटे रहे। पुलिस ने शुक्रवार देर रात से ही चाय की दुकानों, पान के खोखों पर मजमा लगाने वालों को हटाना शुरू कर दिया। सार्वजनिक स्थानों और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में चौकसी भी बढ़ा दी गई है।

आज फिर शांति और सद्भाव का इम्तिहान देगा शहर

बरेली। सूफी-संतों की सरजमीं बरेली ने हमेशा प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया है। यहां की गंगा-जमुनी तहजीब मिसाल रही है। चाहे जो मौका रहा हो, शहर के लोगों ने नफरत को कभी नहीं पनपने दिया। जब कभी देश के बाकी हिस्सों में कुछ ऐसा-वैसा हुआ भी तो उसका यहां कोई असर देखने को नहीं मिला। यहां के लोग आपसी रिश्तों की डोर को मजबूती से थामे रहे। नफरत की कोई भी आंधी यहां जलने वाले सद्भाव के दीपों की लौ को कभी मद्धिम नहीं कर सकी। अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के शनिवार को आ रहे फैसले पर भी शहर शांति और सद्भाव का इम्तिहान देने के लिए तैयार है।  

अयोध्या मामले में कमिश्नर और डीएम की अपील

‘अफवाहों पर ध्यान न दें, सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखें’
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अयोध्या मामले में कोर्ट का फैसला कुछ भी हो लेकिन सभी सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अफवाहों से दूर रहें। अगर कहीं कोई अप्रिय घटना हो या उसकी जानकारी मिले तो इसकी सूचना फौरन पुलिस और प्रशासन को दें। लोगों की सुरक्षा करना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगी। - रणवीर प्रसाद, कमिश्नर 

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की निर्देश- न करें कोई प्रतिक्रिया

बरेली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से स्वयं सेवकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अयोध्या मामले में निर्णय को लेकर कोई भी प्रतिक्रिया व्यक्त न करें। न ही कोई रैली, धूम धड़ाका या अन्य कोई आयोजन करें। स्वयं सेवक शहर से लेकर देहात तक शांति बनाए रखें और सौहार्द कायम रखने में प्रशासन की मदद करें। इस तरह का कोई भी कदम न उठाएं, जिससे आपसी सौहार्द को ठेस पहुंचे।
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