बरेली। संगीन मामलों में फंसे होने के बावजूद तमाम सालों से आजाद घूम रहे दस से ज्यादा माननीयों के सिर पर एक बार फिर तलवार लटक गई है। इनमें दो पूर्व मंत्रियों के साथ कई पूर्व सांसद और विधायक हैं तो कई अब भी सत्ता की धमक के जरिये कानून के हाथों से बचे घूम रहे हैं। अदालत की ओर से एसएसपी को भेजे गए आदेश में इन सभी नेताओं गिरफ्तारी वारंट तामील कराने को कहा है। इसके साथ भेजी गई दूसरी सूची में 180 उन लोगों के नाम हैं जिन्हें पुलिस ने गैर जमानती वारंट तामील नहीं कराए हैं।
अपर सत्र न्यायाधीश शकील अहमद खां की ओर से एसएसपी को यह पत्र मंगलवार को भेजा गया। माननीयों का दर्जा रखने वाले इन लोगों में भाजपा, सपा और कांग्रेस तीनों प्रमुख दलों के नुमाइंदे शामिल हैं और इनमें ज्यादातर पर फौजदारी के गंभीर मामले चल रहे हैं। दिन-रात अफसरों के संपर्क में रहने वाले इन माननीयों की सालों बाद भी न कभी गिरफ्तारी हुई न वे खुद कभी अदालत में हाजिर हुए। इनमें सपा की सरकार में मंत्री रहे एक दिग्गज के साथ एक मुस्लिम पूर्व विधायक और उनके भाई शामिल हैं। एक कांग्रेस के पूर्व सांसद का भी नाम इस सूची में है। इसके अलावा सपा के एक और पूर्व विधायक के साथ भाजपा के एक विधायक भी वांछितों की सूची में शामिल हैं जो कभी बसपा में भी विधायक रहे थे। इन माननीयों के कई सहयोगियों के भी नाम सूची में हैं।
अदालत ने इसके अलावा 180 और लोगों की सूची एसएसपी को भेजी है और उन्हें गैर जमानती वारंट तामील कराने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि इन सभी वांछित लोगों की नियत तिथि पर अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।