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15 गज के निर्माण के लिए जेई ने घूस मांगी तो जान देने कलेक्ट्रेट पहुंचा

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बरेली। ताड़ीखाना निवासी एक व्यक्ति बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचा और आत्मदाह की चेतावनी देने लगा। सुरक्षाकर्मी उसे पकड़कर सिटी मजिस्ट्रेट के सामने ले गए तो उसने बताया कि 15 गज जमीन पर कराए गए निर्माण के लिए बीडीए का एक जेई 20 हजार की रिश्वत मांग रहा है। साथ ही धमकी भी दे रहा है कि अगर रिश्वत नहीं दी तो निर्माण ध्वस्त करा देगा। सिटी मजिस्ट्रेट ने उसे सरकारी गाड़ी से बीडीए वीसी के दफ्तर भेज दिया। वीसी ने पीड़ित को जांच का आश्वासन दिया है।
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पंचमुखी मंदिर के सामने ताड़ीखाना निवासी राजेश शर्मा गुरुवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। वह मेन गेट पर मौजूद सुरक्षा गार्डों के सामने खुदकुशी करने की धमकी देने लगे। किसी अनहोनी की आशंका से सुरक्षा कर्मियों ने राजेश को पकड़ लिया और कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी। राजेश को सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार के सामने ले जाया गया। उन्होंने बताया कि 30 गज के पैतृक मकान के बंटवारे के बाद उनके हिस्से में 15 गज जगह आई थी। इस पर दुकान और मकान बनवाने के बाद बीडीए का एक जेई 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। न देने पर मकान ध्वस्त करने की धमकी दे रहा है। सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। राजेश का कहना था कि न्याय नहीं मिला तो वह आत्मदाह कर लेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे कोतवाल ने राजेश को समझाया। इसके बाद उन्हें सरकारी गाड़ी और कलक्ट्रेट स्टाफ के साथ बीडीए कार्यालय भेजकर उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल से मिलवाया। उपाध्यक्ष ने उनकी बाद सुनने के बाद मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

650 अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं, 15 गज के निर्माण को लेकर बीडीए गंभीर
बीडीए ने शहर में करीब 650 अवैध निर्माण चिह्नित किए हैं। बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि इनके खिलाफ दिवाली के बाद अभियान चलाया जाएगा। जबकि राजेश शर्मा की महज 15 गज के निर्माण को बीडीए काफी गंभीर दिखाई दे रहा है। इस मामले में बीडीए की तरफ तीन-चार नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं।
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फेसबुक पर पोस्ट करने के बाद सक्रिय हो गई थी एलआईयू
बीडीए से परेशान होकर राजेश शर्मा ने कुछ दिन पहले फेसबुक पर पोस्ट डाल कर आत्महत्या करने की बात लिखी थी। इसके बाद से एलआईयू सक्रिय हो गई थी। गुरुवार को भी एलआईयू का सिपाही सुबह ही राजेश शर्मा के घर पहुंच गया था।
‘शुरूआती जांच में पता चला है कि राजेश शर्मा अनाधिकृत तौर से निर्माण करा रहे थे। इसके लिए ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए हैं। फिर भी इसकी जांच दोबारा कराई जा रही है। शिकायतकर्ता चाहे तो ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ कमिश्नर कोर्ट में दरख्वास्त दे सकता है।’
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- दिव्या मित्तल, बीडीए उपाध्यक्ष
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