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फिर खुली मीट कारोबारी अशफाक हत्याकांड की फाइल

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बरेली। स्लाटर हाउस के ठेके के विवाद में छह साल पहले सेटेलाइट अड्डे के पास निददहाड़े हुए मीट कारोबारी अशफाक हत्याकांड के अभियुक्तों को बरी करने के फैसले को हाईकोर्ट ने पलट दिया है। इस मामले में वादी की ओर से की गई अपील को मंजूर करते हुए सभी अभियुक्तों के वारंट जारी कर दिए गए हैं।
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भोजीपुरा के गांव सैदपुर चुन्नीलाल में रहने वाले रईस अहमद ने 23 दिसंबर 2013 को हत्या के बाद इस वारदात की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रईस ने कहा था कि अशफाक उसका मौसेरा भाई था। सुबह साढ़े दस बजे वह अशफाक के साथ अपने गांव से स्लाटर हाउस जाने के लिए मोटर साईकिल से निकला था। जब वे लोग सेटेलाइट अड्डे के नजदीक विजय पेट्रोल पंप के पास पहुंचे तभी पीछे से आई एक कार उनकी मोटरसाइकिल के आगे आकर अड़ गई। हवाई अड्डे इलाके में रहने वाले बुंदन उर्फ साबिर, छोटा उर्फ शाहिद, मोहम्मद शफी, सलीम, जाबिर और शकील समेत छह लोग हाथों में तमंचे लेकर कार से उतरे और अशफाक को ललकारते हुए उस पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। कई गोलियां लगने के बाद अशफाक लहूलुहान होकर सड़क पर गिर गया। इसके बाद आरोपी तमंचे लहराते हुए गाड़ी में बैठकर चले गए। रईस ने अशफाक की हत्या का कारण रंजिश बताई थी।
तत्कालीन एडीजे कृष्ण यादव की अदालत में मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई तो गवाही के दौरान यह तथ्य सामने आया कि हत्या स्लाटर हाउस के एक ठेके के कारण शुरू हुए विवाद में की गई थी। 12 अक्टूबर 2018 को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया। वादी के वकील अनिल भटनागर ने बताया कि इस मामले में शासन के अलावा वादी की ओर से भी फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई। हाईकोर्ट ने इसके बाद अभियुक्त बुंदन उर्फ साबिर, जाबिर, छोटा उर्फ शाहिद , सलीम, शकील और मोहम्मद शफी के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया है और मामले की सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तारीख नियत की है।
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