बदायूं। शहर कोतवाली क्षेत्र में फिरौती के लिए जफा की कोठी के पास से बीकॉम के छात्र के अपहरण और बाद में की गई हत्या के मामले में स्पेशल जज डकैती कोर्ट राजकुमार सिंह ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन सभी पर दो लाख 80 हजार का जुर्माना भी डाला गया है।
यह वारदात मोहल्ला कल्यान नगर में 28 अक्टूबर 2011 को घटी थी। अर्जुन सैनी ने रिपोर्ट लिखाई थी कि उनका बेटा प्रशांत अपने दोस्त के घर से निकला था। जब वह नहीं लौटा तो उसके मोबाइल पर फोन किया तो किसी अनजान व्यक्ति ने बताया कि उनके बेटे का अपहरम हो गया है। उसकी बाइक रामसेवक सिंह की कोठी के पास खड़ी है। तीन लाख रुपये लेकर आओ और प्रशांत को छुड़ाकर ले जाओ। प्रशांत बीकॉम का छात्र था।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तलाश की तो शेखूपुर निवासी अशोक कुमार पुत्र प्रेमराज, इमरान उर्फ छोटा पुत्र इशहाक, नौशेरा निवासी मुनीश कुमार पुत्र बिहारी लाल, मुनीश की पत्नी विमला और पुत्री तथा मुहल्ला कटरा जालंधरी सराय निवासी हरीश पहाड़िया पुत्र तोताराम का नाम सामने आया। अपहरण के 14 दिन बाद अशोक की निशानदेही पर प्रशांत की लाश शेखूपुर के पास मिली। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज राजकुमार सिंह ने अशोक, इमरान उर्फ छोटा, मुनीश कुमार, विमला और हरीश पहाड़िया को अपहरण कर प्रशांत की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इन पर दो लाख 80 हजार का अर्थदंड भी डाला है।