पुलिस ने दिखाई थी ये बरामदगी
पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो दोनों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। फायर मिस होने से वह बाल-बाल बचे। पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। आरोपियों से एक देसी बंदूक, एक 315 बोर का तमंचा, कारतूस और देसी शराब के 100 पव्वे मिले। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन ने आठ गवाह और और साक्ष्य पेश किए, लेकिन आरोप साबित करने में नाकाम रहा।
कोर्ट ने कहा कि आधुनिक हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों की संख्या पांच थी और आरोपी दो थे। पुलिस को देखकर अभियुक्त भागे नहीं। पुलिस ने कोई जवाबी कार्रवाई भी नहीं की। मुठभेड़ में कोई घायल भी नहीं हुआ। फॉरेंसिक रिपोर्ट न होने के कारण तमंचा-बंदूक की बरामदगी भी संदिग्ध प्रतीत होती है। ऐसे में आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया जाता है।