गुड़गांव में 19 घंटे का जाम की बात अभी लोग भूले भी नहीं कि लखनऊ-दिल्ली हाइवे पर नौ घंटे के जाम ने यात्रियों को परेशान करके रख दिया। इसमें बड़ी संख्या में एंबुलेंस भी रात भर फंसी रहीं। फतेहगंज पूर्वी के कमल किशोर अपने ससुर का शव रुहेलखंड मेडिकल कालेज से घर ले जा रहे थे। रात भर उनको रास्ता नहीं मिला। उनकी एंबुलेंस सुबह छह बजे बमुश्किल निकल पाई। फरीदपुर से पचौमी तक जाम इतना भयानक था कि तीन घंटे तक वाहन टस से मस नहीं हुए।
फिर नहीं उठा 100 नंबर
हाइवे पर जाम में फंसे यात्रियों ने 100 नंबर पर सैकड़ों बार डायल किया लेकिन ये लाइन लगातार बिजी बताती रही। साहिबाबाद डिपो की बोल्वो में सवार सवारियों ने पुलिस के बड़े अफसर एसएसपी को फोन किया। एक यात्री की उस अफसर से हॉटटाक भी हो गई। अफसर ने यात्री को डांटकर फोन रख दिया।
वीआईपी गाड़ी निकलवाना बन गया मुसीबत
फौजी ढाबे के पास सिंगल लेन में चल रहे वाहनों के बीच अपने अफसर की कार को जल्दी निकलवाने के लिए पुलिस ने लेन तुड़वा दी जो जाम की वजह बनी। नीली बत्ती की सफेद रंग की होंडा सिटी कार को निकालते समय अन्य वाहन चालकों ने भी कार के पीछे अपनी गाड़ियां लगा दी। इससे अफसर की गाड़ी तो निकल गई लेकिन रोड के दोनों ओर की लाइन जाम हो गई। बाद में आने वाले वाहन चार से पांच लाइनों में खड़े हो गए।