बरेली। गांव घाटमपुर में प्रस्तावित साध्वी प्राची की महापंचायत में भाग लेते जाते समय बवाल करने के आरोपी भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष पूरनलाल लोधी, चक्रवीर सिंह चौहान व सुनील मिश्रा की जमानत अर्जी प्रभारी सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने मंजूर कर ली। उन्होंने तीनों को चालीस हजार रुपये के बंधपत्र व इतनी ही धनराशि के दो जमानती देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
इन पर आरोप है कि बीती 27 जुलाई को थाना शेरगढ़ के ग्राम घाटमपुर में साध्वी प्राची की प्रस्तावित महापंचायत की सूचना पर एचसीपी तेजराम शर्मा सिपाहियों व होमगार्डों के साथ थाना भोजीपुरा के गेट पर चेकिंग कर रहे थे। पूर्वाह्न 11.30 बजे पांच गाड़ियों का काफिला आता दिखाई दिया। गाड़ियां रोकने पर इनमें से पूरनलाल लोधी, चक्रवीर सिंह चौहान व सुनील मिश्रा सहित बीस व्यक्ति उतरे और रोकने का कारण पूछते हुए साध्वी प्राची जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। वापस जाने का अनुरोध करने पर पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की और मारपीट कर सरकारी कार्य में बाधा डाली। इनके खिलाफ जान से मारने की नीयत से हमला करने सहित बलवा की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पूरनलाल लोधी व सुनील मिश्रा का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता गजेंद्र पटेल ने तर्क दिया कि थाना गेट के सामने घटना होने के बाद भी 1.45 घंटे देर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पूरनलाल लोधी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व वर्तमान में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हैं। उन्हें राजनीतिक द्वेष के चलते झूठा फंसाया गया है। सुनील मिश्रा का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। चक्रवीर सिंह चौहान की ओर से अधिवक्ता विजयवीर सिंह ने कहा कि वह अधिवक्ता हैं और उनका प्राची के संगठन से र्कोई संबंध नहीं हैै।
बता दें कि पूरनलाल लोधी पर थाना बारादरी में एक अन्य मामला भी चल रहा है। इसमें अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के न्यायालय से जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। सत्र न्यायालय में मामले की सुनवाई 25 अगस्त को होगी। चक्रवीर सिंह चौहान के खिलाफ थाना फतेहगंज पश्चिमी में बीती 14 व 15 जनवरी को हुए बवाल के आरोप में भी मामले लंबित हैं, जिनमें जुडीशियल मजिस्ट्रेट द्वितीय के न्यायालय से उनकी जमानत अर्जी सोमवार को खारिज कर दी गई। अधिवक्ता विजयवीर सिंह ने बताया कि इन दोनों मामलों में मंगलवार को सत्र न्यायालय में जमानत अर्जियां दाखिल की जाएंगी।