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Bareilly News: भ्रष्टाचार में कर्मचारियों पर गाज, अफसरों पर दरियादिली

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बरेली। भ्रष्टाचार के मामलों में छह महीने में रिकॉर्ड कार्रवाई तो हुई, लेकिन अधिकांश मामलों में अदने कर्मचारियों की ही गर्दनें फंसींं। एंटीकरप्शन की कार्रवाई में विभागों के बड़े अफसरों के नाम तो जुड़े, लेकिन इन पर दरियादिली दिखाई जा रही है। इसी वजह से अभी तक एक भी अफसर पर चार्जशीट या गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। ऐसे में कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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पिछले दिनों दो मामलों में बिजली निगम के तीन कर्मचारियों को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते पकड़ा था। दोनों ही मामलों में रिश्वत संबंधित एसडीई के नाम से ली जा रही थी। इन मामलों में पकड़े गए कर्मचारियों ने बयान दिया कि वह अपने अफसरों के कहने पर घूस ले रहे थे। इसलिए मुकदमों में सुभाषनगर उपकेंद्र के एसडीई रामजगत वर्मा और शाहदाना उपकेंद्र के एसडीई गौरव शर्मा का नाम भी सह आरोपी के तौर पर जुड़ा। इसी तरह साथी होमगार्ड की परेड ड्यूटी शुरू कराने के लिए रिश्वत लेते पकड़े गए होमगार्ड ने जिला कमांडेंट होमगार्ड शैलेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर रुपये लेने की बात कही थी। टीम ने तब जिला कमांडेंट को भी एफआईआर में आरोपी बनाया था।

खुद को कार्रवाई से बचाने में जुटे जिम्मेदार
- टीम ने ऐसे कर्मचारियों को जेल भेजकर संबंधित अफसरों को सहआरोपी बनाया था। आरोपी जेल में या जमानत पर हैं, लेकिन इन अधिकारियों पर शिकंजा कसने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। अभी तक इनके खिलाफ चार्जशीट भी नहीं लग सकी है। बताते हैं कि इसके लिए भी इनके विभागों से उच्च स्तरीय मंजूरी की जरूरत पड़ेगी। हालांकि सूत्र बताते हैं कि अफसरों ने खुद को कार्रवाई से बचाने के लिए साम दाम के सभी हथकंडे अपना लिए हैं। इनमें बिजली निगम के दोनों एसडीई पर तो काफी समय बाद निलंबन की कार्रवाई हो गई पर होमगार्ड विभाग के कमांडेंट अभी तक अपने पद पर पहले की तरह काम कर रहे हैं।
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15 मुकदमे दर्ज, 21 हैं आरोपी
- एक जनवरी से अब तक एंटीकरप्शन बरेली इकाई ने मंडल में 15 मामलों में कार्रवाई कर इतने ही मुकदमे दर्ज कराए हैं। इनमें एसडीई व जिला कमांडेंट होमगार्ड समेत कुल 21 आरोपी बनाए गए हैं। इस साल हुई कार्रवाई में बदायूं के दहगवां चौकी के प्रभारी रहे दरोगा देवेंद्र सिंह, जिला उद्योग केंद्र का बाबू कौशल सक्सेना, शाहजहांपुर का लेखपाल अरविंद, फरीदपुर के सीएस इंटर कॉलेज का शिक्षक प्रदीप, बीसलपुर का लाइनमैन रिंकू, शाहजहांपुर का दरोगा नरेंद्र शर्मा के नाम शामिल हैं। दहगवां चौकी प्रभारी के मामले में जरीफनगर थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर राकेश कुमार की भूमिका की भी जांच हो रही है।

सबूत जुटा रही टीम, कोई आरोपी नहीं बचेगा

- सीओ एंटीकरप्शन यशपाल सिंह ने बताया कि लोकसभा चुनाव की वजह से मुकदमों की विवेचना कुछ समय शिथिल रही है। अब दोबारा से नामजद अधिकारियों के खिलाफ भी सबूत जुटाने का काम तेजी से चल रहा है। कोई भी आरोपी बख्शा नहीं जाएगा। ब्यूरो
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