Corrosion of the plant in the affair is still Parsdo
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर पार्षदों की जंग अभी कम नहीं हुई। 30 दिसंबर को तीन पार्षदाें के बीच नगर निगम परिसर में हुई बहस का मामला पांच दिन बाद पुलिस के पास पहुंचा है। भाजपा पार्षद ने सपा के नामित पार्षदाें पर अभद्रता और धमकी देने का आरोप लगाते हुए खुद को खतरा बताया है। उन्हाेंने रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। वहीं, आरोपी पार्षदों ने इसे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट मुद्दे से जोड़ते हुए साजिश बताया है।
वार्ड 47 की पार्षद शालिनी जौहरी ने एसपी सिटी को बताया कि 30 दिसंबर को बोर्ड की बैठक दोबारा बुलाने के लिए अपर नगर आयुक्त से मिलकर वह सहयोगी पूर्व पार्षद अशोक अरोरा, पार्षद पति सलीम पटवारी व पार्षद नासिर के साथ निगम परिसर में बातचीत कर रही थीं। तभी शाम साढ़े 5 बजे नामित पार्षद शमीम अहमद और असलम वहां आए और गंदी गालियां देने लगे। मेयर के विरोधी होने की बात कही और आगे देख लेने को कहा। शालिनी ने बताया कि पार्षद कय्यूम मुन्ना वहां पहुंचे और विरोध किया। इस पर वे धमकी देकर चले गए। बताया कि बोर्ड बैठक में भी शमीम ने कोहाड़ापीर पुलिया की कमी बताने पर झगड़ा किया था।
प्लांट के चक्कर में सपा के पार्षद इनसे मिल गए हैं, वे शिकायत करा रहे हैं। मैने कोई धमकी नहीं दी। जांच हो सकती है। शालिनी गंगाजल लेकर कसम खाएं कि मैंने उनको धमकी दी है। मैं मानहानि का केस करूंगा।
शमीम अहमद, सपा नामित पार्षद
शालिनी गंगाजल लेकर कसम खाएं कि मैने बोर्ड बैठक के बाद उनकी सूरत भी देखी है। सारा खेल प्लांट का है। कय्यूम मुन्ना इनसे मिल गए हैं। जनहित में प्लांट पास कराया है। जिन्होंने पैसे लिए हैं उनको अब वापस करने पड़ेंगे, इसलिए ड्रामा कर रहे हैं। मेरी कॉल रिकार्ड देख लें।
असलम, सपा नामित पार्षद