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Bareilly News: नगर निगम के सदन में कुत्तों-बंदरों के आतंक पर हंगामा, चारों जोन में लगाई जाएंगी अलग-अलग टीमें

Mon, 25 Aug 2025 09:48 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

नगर निगम के सदन की बैठक में पार्षदों ने कुत्तों और बंदरों की समस्या उठाई। कहा कि कुत्तों और बंदरों से पूरा शहर परेशान है। इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। इस पर कुत्ते और बंदरों को पकड़ने के लिए टीमें बढ़ाने और प्रत्येक जोन के लिए अलग एजेंसी चयनित करने का निर्णय लिया गया।
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नगर निगम के सदन की बैठक में हुआ हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में कुत्तों और बंदरों के आतंक का मामला सोमवार को नगर निगम के सदन में गूंजा। अफसरों ने आंकड़ेबाजी शुरू की तो पार्षद भड़क गए। जमकर हंगामा हुआ। पार्षदों ने कहा कि अफसर झूठ बोल रहे हैं। वह ये बताएं कि बजट कहां खर्च हो रहा है?  पूरा शहर कुत्तों और बंदरों के आतंक से भयभीत है। इस पर महापौर उमेश गौतम ने कहा कि एक एजेंसी के भरोसे न रहें। चारों जोन में अलग-अलग एजेंसियों को काम सौंपें। सात दिनों के अंदर इसके लिए टेंडर निकालें।

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नगर निगम सभागार में 11 माह एक दिन बाद सोमवार को 11.30 बजे सदन की बैठक शुरू हुई। नौ घंटे चली बैठक में कर निर्धारण में त्रुटियों, छुट्टा पशुओं के साथ ही कुत्तों-बंदरों के आतंक पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच हंगामा हुआ। विकास को रफ्तार देने के लिए महापौर ने कहा कि 40 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों और नालियों का निर्माण होगा। टेंडर जल्द ही होंगे और दो महीने में काम धरातल पर दिखेगा। जिन्हें कर पर आपत्ति है, वह 30 अक्तूबर तक स्वकर के फॉर्म भर सकेंगे।

अब हर दो माह में होगी बैठक
पार्षदों ने साल में छह बैठकों के नियम का पालन नहीं होने का मुद्दा उठाया तो महापौर ने कहा कि चुनाव की वजह से देरी हुई। अब हर दो माह में बैठक होगी। प्रश्न काल में पार्षदों ने कर निर्धारण में भेदभाव के आरोप लगाए। कहा कि जोनल कार्यालयों में करदाताओं की शिकायतें महीनों तक लंबित रहती हैं। पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि एक-एक हजार रुपये कर वालों को धक्के खाने पड़ते हैं, जबकि बड़ी इमारत वालों को बिना कहे छूट दे दी जाती है। 
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अय्यूब खां चौराहे पर स्थित एक स्वीट हाउस का नाम लेकर कहा कि उनके भवन के दो हिस्से को निर्माणाधीन दिखाकर कर 13 लाख रुपये से घटाकर छह लाख कर दिया गया। साक्ष्य दिखाते हुए जांच कराने की मांग की। कई पार्षदों ने समर्थन में नारेबाजी की। महापौर ने स्वीट हाउस के भवन का कर घटाने और एक लाख रुपये से अधिक के करदाताओं के मामलों की जांच के लिए समिति के गठन की घोषणा की। इसमें अपर नगर आयुक्त, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और राजस्व प्रभारी शामिल होंगे।

बढ़े किराये की वसूली के लिए नहीं डाला जाएगा दबाव
नगर निगम के कर्मचारी बढ़ाए गए किराये की वसूली के लिए दुकानदारों पर दबाव नहीं डालेंगे। नगर निगम की 1400 संपत्तियों का किराया कितना बढ़े, 28 फरवरी 2024 के प्रस्ताव को निरस्त किया जाए या नहीं? इन पहलुओं पर निर्णय के लिए अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय, उप नगर आयुक्त पूजा त्रिपाठी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी, पार्षद राजेश अग्रवाल, छंगामल मौर्य और मुकेश सिंघल को शामिल करते हुए कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी 15 दिनों में रिपोर्ट देगी। 

पार्षद राजेश अग्रवाल ने किराया बढ़ाने संबंधी पुराने प्रस्ताव को निरस्त करने का प्रस्ताव रखा। इस पर महापौर उमेश गौतम ने कहा कि कमेटी का निर्णय आने तक बढ़ा हुआ किराया वसूलने के लिए कर्मचारी किसी दुकानदार पर दबाव नहीं डालेंगे। पार्षद कपिलकांत सक्सेना ने राजेश अग्रवाल को निशाने पर लिया। कहा कि अब जनहित की बात कर रहे हैं, अब तक कहां थे? 

पंजीकृत ठेकेदारों के लिए नई नियमावली बनाने के लिए निर्माण विभाग की ओर से पेश प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया। प्रस्ताव में हेर-फेर के आरोप पर नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी से जवाब मांगा और जांच के आदेश दिए। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाने के प्रस्ताव को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। इसे अगली बैठक में पेश किया जाएगा। 

सांसद पहुंचे, विधायक और एमएलसी नहीं 
पदेन सदस्य होने के नाते सांसद छत्रपाल गंगवार बैठक में पहुंचे, पर किसी विधायक या विधान परिषद सदस्य की भागीदारी नहीं हुई। बैठक में सतीश कातिब मम्मा, छंगामल मौर्य, सर्वेश रस्तोगी, शशि सक्सेना, नीरज कुमार, जय प्रकाश, आरिफ कुरैशी, इकबाल बिल्डर, आरव यादव, मुकेश सिंघल मुखर रहे। शमीम अहमद ने आला हजरत उर्स के दौरान बेहतर व्यवस्था के लिए नगर निगम की सराहना की।

 
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आरोप-प्रत्यारोप के बीच बैठक में यह मुद्दे गूंजे, निर्णय भी हुए
- आला हजरत कॉरिडोर बनाने के लिए प्रस्ताव पारित करने की मांग फिर खारिज हुई
- जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनने में लगते महीनों, समय सीमा में बनाने के फिर हुए आदेश
- चकमहमूद और हजियापुर में संप हाउस की क्षमता कम, जल भराव, एक और संप हाउस बनेगा
- शिकायत के एक साल बाद भी नॉवेल्टी चौराहे के सामने का अतिक्रमण नहीं हटा, अब हटेगा
- नगर निगम की जमीन के असरदार कब्जेदारों पर रहम कर रहे अधिकारी, अब तीन दिन में सभी को जारी होंगे नोटिस
- पराग के मिल्क बूध पर पान मसाला और तंबाकू की बिक्री, पाबंदी लगेगी, बिक्री बंद न करने पर सील होंगे बूथ
- प्रोन्नति के लिए तीन महीने में बनेगी नगर निगम कर्मचारियों की वरीयता सूची, फिर मिलेगी प्रोन्नति
- आक्रामक कुत्तों के लिए शेल्टर होम न होने का मुद्दा उठा, नगर आयुक्त ने कहा- विचार करेंगे
- डेयरी वाले गोबर बहा रहे, नगर आयुक्त ने कहा- न मानने वालों पर एफआईआर कराएंगे, सहयोग दीजिए
- टीम बढ़ाकर नगर में आवारा कुत्तों को वैक्सीन लगाई जाएगी
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