बढ़े किराये की वसूली के लिए नहीं डाला जाएगा दबाव
नगर निगम के कर्मचारी बढ़ाए गए किराये की वसूली के लिए दुकानदारों पर दबाव नहीं डालेंगे। नगर निगम की 1400 संपत्तियों का किराया कितना बढ़े, 28 फरवरी 2024 के प्रस्ताव को निरस्त किया जाए या नहीं? इन पहलुओं पर निर्णय के लिए अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय, उप नगर आयुक्त पूजा त्रिपाठी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी, पार्षद राजेश अग्रवाल, छंगामल मौर्य और मुकेश सिंघल को शामिल करते हुए कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी 15 दिनों में रिपोर्ट देगी।
पार्षद राजेश अग्रवाल ने किराया बढ़ाने संबंधी पुराने प्रस्ताव को निरस्त करने का प्रस्ताव रखा। इस पर महापौर उमेश गौतम ने कहा कि कमेटी का निर्णय आने तक बढ़ा हुआ किराया वसूलने के लिए कर्मचारी किसी दुकानदार पर दबाव नहीं डालेंगे। पार्षद कपिलकांत सक्सेना ने राजेश अग्रवाल को निशाने पर लिया। कहा कि अब जनहित की बात कर रहे हैं, अब तक कहां थे?
पंजीकृत ठेकेदारों के लिए नई नियमावली बनाने के लिए निर्माण विभाग की ओर से पेश प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया। प्रस्ताव में हेर-फेर के आरोप पर नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी से जवाब मांगा और जांच के आदेश दिए। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाने के प्रस्ताव को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। इसे अगली बैठक में पेश किया जाएगा।
सांसद पहुंचे, विधायक और एमएलसी नहीं
पदेन सदस्य होने के नाते सांसद छत्रपाल गंगवार बैठक में पहुंचे, पर किसी विधायक या विधान परिषद सदस्य की भागीदारी नहीं हुई। बैठक में सतीश कातिब मम्मा, छंगामल मौर्य, सर्वेश रस्तोगी, शशि सक्सेना, नीरज कुमार, जय प्रकाश, आरिफ कुरैशी, इकबाल बिल्डर, आरव यादव, मुकेश सिंघल मुखर रहे। शमीम अहमद ने आला हजरत उर्स के दौरान बेहतर व्यवस्था के लिए नगर निगम की सराहना की।