बरेली। लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को नगर निगम का बुलडोजर गरजा। पुराने बस अड्डे पर पहुंचकर टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। अवैध कब्जेदारों का सामान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर लाद ले गई। नावल्टी चौराहे तक दुकानों के बाहर अतिक्रमण कर बनाए गए रैंप, काउंटर और होर्डिंग आदि को तोड़ दिया गया। दोबारा कब्जा करने पर कुर्की की चेतावनी भी दी गई।
अब कैमरों के जरिये अतिक्रमण पर नजर रखी जाएगी। जिस रोड पर अतिक्रमण ज्यादा होगा, वहां पूर्व सूचना के बिना ही औचक कार्रवाई की जाएगी। अब निगम की ओर से चौराहों पर अतिक्रमण के खिलाफ एनाउंसमेंट भी शुरू हो गया है। नगर आयुक्त के निर्देश पर अब प्रतिदिन यह अभियान चलेगा। इसको लेकर कोई रोस्टर जारी नहीं हुआ है। रोस्टर जारी होने से कब्जेदारों को पहले से ही कार्रवाई का पता चल जाता है। टीम के पहुंचने पर वहां मैदान साफ मिलता है। इसलिए, अबकी बार रणनीति बदल दी गई है। पुलिस के आलाधिकारियों से बातचीत कर संबंधित थाने और चौकी की जिम्मेदारी भी तय कराई जाएगी।
अमर उजाला ने लगातार एक सप्ताह तक खबरें प्रकाशित कर लगातार इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद जिम्मेदारों की नींद टूटी और निगम का अमला दल-बल के साथ सुबह 11 बजे सड़कों पर उतरा। खास बात यह रही कि इस कार्रवाई की भनक अतिक्रमण हटाओ अभियान के नोडल अधिकारी संयुक्त नगर आयुक्त समेत प्रभारी राजवीर सिंह को भी नहीं लगी। इस वजह से सूचना लीक नहीं हुई।
जहां बड़ी कार्रवाई की जरूरत, वहां जाने से कतरा रहा निगम
वार्ड एक में सरकारी शौचालय को मुन्ना कबाड़ी की गिरफ्त से मुक्त करना नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती है। महापौर, नगर आयुक्त भी इसके लिए निर्देश दे चुके हैं। एफआईआर दर्ज कराने तक के लिए कहा गया, लेकिन निगम की टीम वहां जाने से कतरा रही है।
अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। मुन्ना कबाड़ी का मामला भी मेरे सामने आया है। इसमें भी फोर्स के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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