सचिव और प्राचार्य ने नगर आयुक्त से की मुलाकात, फिर होगी पैमाइश
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। नगर निगम का बकाया 27.30 करोड़ टैक्स न देने पर बरेली कॉलेज के कई खाते सीज कर दिए गए हैं। कॉलेज में शैक्षिक सत्र संचालन में कठिनाई हो रही है। कॉलेज प्रबंध समिति सचिव और प्राचार्य ने नगर आयुक्त से मुलाकात की। इसमें दोबारा पैमाइश पर सहमति बनी।
प्राचार्य प्रो. ओपी राय के मुताबिक नगर निगम की ओर से आकलन किया गया 27.30 करोड़ रुपये का टैक्स सही नहीं है। इसे संशोधित कराने के साथ फ्रीज खाता खुलवाने के लिए मुलाकात की गई। टैक्स का पुनर्निधारिण करने के लिए कहा गया। इस पर दोबारा आकलन करने पर सहमति बनी है। कहा कि बरेली कॉलेज में शासन से निर्धारित मामूली फीस पर शिक्षा प्रदान की जाती है। कॉलेज के पास इतनी बड़ी रकम नहीं है कि भुगतान किया जा सके। आगामी बैठक में फिर मंथन किया जाएगा।
बताया कि कॉलेज पर वर्ष 1998 से टैक्स बकाया है। निगम से सौ मीटर परिधि में कॉलेज है, इसलिए भवन, जल, सीवर शुल्क लगा है। जो करीब 27.30 करोड़ रुपये है। नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि फिर से पैमाइश कराने के बाद निर्धारित कर जमा करने पर खाता खोला जाएगा।
कॉलेज पर टैक्स का नहीं है प्रावधान
प्राचार्य के मुताबिक पूर्व में लोअर कॉलेज कोर्ट ने नगर निगम की ओर से बरेली कॉलेज पर टैक्स का कोई प्रावधान नहीं बताया है। वर्ष 1837 में स्थापित बरेली कॉलेज एक हेरिटेज बिल्डिंग है। 1998-99 में करीब दस हजार रुपये कर लगा, उसके बाद से नगर निगम टैक्स लगाने लगा। दूसरी ओर, शैक्षिक सत्र 2024-25 शुरू हो गया है। कॉलेज के खाते फ्रीज होने से रिसर्च वर्क, तमाम गतिविधियां सुचारु नहीं हो पा रही हैं।