अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान बुधवार को काफी बवाल हुआ। एक जगह नगर निगम कर्मचारी से मारपीट की गई तो दूसरी जगह अभियान के प्रभारी को ही धक्कीमुक्की का सामना करना पड़ा। नावल्टी चौराहे के पास एक धर्मस्थल की दुकान का अवैध कब्जा तोड़ने पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। तोड़फोड़ से बचने के लिए कई व्यापारियों ने दुकानें भी बंद कर दी। इस दौरान विरोध करने पर पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है, वहीं व्यापारियों ने टीम के खिलाफ भी कोतवाली में तहरीर दी है।
नगर निगम की टीम ने दोपहर करीब 12 बजे अयूब खां चौराहा से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। चौराहे के पास ही सड़क किनारे रखे दो व्यापारियों के जेनरेटर कब्जे में लिए गए। यहां इस कार्रवाई का विरोध भी हुआ। इसके बाद हनुमान मंदिर के पास मार्केट में दुकानों के बाहर बनाए गए चबूतरों को ध्वस्त किया गया। इसी के पास नगर निगम की टीम ने मान्यवर शोरूम के बाहर रखा सामान कब्जे में लेने की कोशिश की तो एक शोरूम कर्मचारी ने नगर निगम कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया। काफी देर विवाद होने के बाद इमरान, याकूब और अवधेश को कोतवाली पुलिस ने हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले गई। सड़क किनारे लगा मान्यवर का अवैध यूनिपोल भी टीम ने कब्जे में ले लिया। सड़क के दूसरी तरफ किप्स, क्वालिटी समेत कई शोरूम के चबूतरे भी तोड़े गए। नगर निगम की टीम इसके बाद नावल्टी चौराहे के पास बने धर्मस्थल पर पहुंची। सड़क किनारे जूते की दुकान से कुछ सामान जब्त कर उसका अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया। टीम ने धर्मस्थल में बनी दुकान में चल रहे होटल का अवैध कब्जा तोड़ा तो दुकानदार ने विरोध शुरू कर दिया। होटल की टंकी तोड़ने पर उसे धर्मस्थल की टंकी बताकर हंगामा करने लगा। अतिक्रमण हटाओ अभियान के प्रभारी व पर्यावरण अभियंता उत्तम कुमार वर्मा से धक्कामुक्की की। कोतवाली पुलिस ने हंगामा कर रहे व्यापारी को भी हिरासत में ले लिया लेकिन बाद में छोड़ दिया।
अतिक्रमण हटाने को दी मोहलत
एसपी सिटी कार्यालय के बाहर बने होटल के संचालक को टीम ने अवैध टिन शेड कटवाने के लिए एक दिन की मोहलत दी। पंजाबी मार्केट और उसके आसपास भी दुकानों के छज्जे काटने को तीन दिन की मोहलत दे दी। इसके अलावा कुछ अन्य दुकानदारों को भी छज्जा कम करने के लिए मोहलत दी गई है।
बंद की दुकानें, ठेले भी नहीं लगे
अतिक्रमण हटाओ अभियान की सूचना जैसे ही बाजार में फैली अयूब खां चौराहे से कुतुबखाना तक दो दर्जन से अधिक दुकानें बंद हो गईं। सड़क किनारे लगने वाले फड़ और ठेला भी अभियान के दौरान सड़क पर नहीं आए। कुछ दुकानदारों ने अपना अतिक्रमण भी खुद तोड़ा। जिला अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर लगने वाली दुकानें भी नहीं लगी। मगर टीम ने यहां अतिक्रमण का कारण बनने वाले फुटपाथ और उसकी फेंसिंग को ध्वस्त कर सड़क को चौड़ा कर दिया।
नगर निगम टीम के खिलाफ तहरीर
नावल्टी चौराहे के पास बने धर्मस्थल के बाहर दुकानों पर तोड़फोड़ को लेकर वहां के व्यापारियों ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। इसमें आरोप लगाया है कि उन लोगों को टीम ने मोहलत नहीं दी और धर्मस्थल का निर्माण तोड़ दिया। शिकायत करने वालों में मो. फहीम, जशन, मोबीन, मुनव्वर अली आदि शामिल हैं।
उत्पीड़न कर रहा है नगर निगम
सपा के नेता सभासद दल राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह इंक्रोचमेंट हटाने का अभियान नहीं बल्कि हैरेसमेंट है। अयूब खां से नावल्टी के बीच नाले पर कहीं छोड़ा है, कहीं तोड़ा है। इससे सुंदरीकरण खराब हुआ है। नाला तो नगर निगम ने ही बनाया था। अगर उसे खुला छोड़ देंगे तो बच्चे गिरेंगे। इसके लिए नगर निगम पहले प्लान बनाता तब कार्रवाई करता, यह तो श्रम और धन की बर्बादी है।