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दिल्ली से आने वाले दौ हजार यात्री, जांच केवल 150

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पुराने बस स्टेड पर कोरोना की जाचं - संवाद - फोटो : CITY
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बरेली। जिले में तेजी से बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या अब एक हजार पार करने वाली है लेकिन संवेदनशील शहरों और राज्यों से आने वाले यात्रियों की बस अड्डों पर नाममात्र के लिए ही कोविड जांच हो रही है। कोविड गाइड लाइन की भी बस अड्डों पर हर तरफ धज्जियां उड़ती दिख रही हैं।
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देश में सर्वाधिक संक्रमितों की संख्या वाले चुनिंदा शहरों में शामिल दिल्ली से हर रोज हजारों यात्री बरेली पहुंचते हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें बगैर जांच कराए जाने दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दोनों बस अड्डों पर यात्रियों के टेस्ट के लिए काउंटर जरूर लगाए गए हैं लेकिन यात्रियों को न तो टेस्ट कराने के लिए बाध्य किया जा रहा है न ही प्रेरित। इस बात का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है कि यात्रियों के जरिए दिल्ली से ओमिक्रॉन वैरिएंट की भी आमद बरेली हो सकती है।
शहर के दोनों रोडवेज बस अड्डों पर हर दिन सिर्फ सौ-पचास यात्रियों का ही कोविड टेस्ट हो रहा है। बुधवार को पुराना बस स्टैंड पर दिल्ली से आने वाले सिर्फ 130 और सेटेलाइट स्टैंड पर 50 ही यात्रियों की जांच हुई थी। काउंटर पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक रोडवेज के अफसरों के दिलचस्पी न लेने से यात्री काउंटर पर जांच कराने ही नहीं पहुंचते।
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यात्रियों के बीच मास्क और आपसी
दूरी का भी नहीं करा रहे पालन
यूपी रोडवेज के अफसर बस अड्डों पर भारी भीड़भाड़ के बावजूद मास्क और आपसी दूरी जैसे बचाव के उपाय भी सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं। दोनों बस अड्डों पर इसके लिए न कोई घोषणा की जाती है, न इसके लिए कोई व्यवस्था लागू की जा रही है।
कोरोना गाइड लाइन का पालन कराने के लिए लगातार घोषणा की जाती है। परिवहन स्टाफ भी यात्रियों को मास्क का प्रयोग करने के लिए जागरूक करता है। यात्रियों की ज्यादा से ज्यादा जांच कराने की जिम्मेदारी चिकित्सा विभाग की है। - राकेश कुमार, एआरएम
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