Corona's speed is decreasing in Bareilly
बरेली। कोरोना महामारी की तीसरी लहर के बेहद घातक होने की आशंका थी पर हालात काबू में रहे। सर्विलांस टीम से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 15 दिन पहले संक्रमण की लहर बरेली में खामोशी से पीक पर पहुंच गई थी। अब यह थमने लगी है। अतिसंवेदनशील जिलों की सूची से बरेली बाहर हो गया है। हालांकि केस अभी मिल रहे हैं, इसलिए सतर्कता में कमी भारी पड़ सकती है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान संक्रमितों की तादाद बीते साल अप्रैल में तेजी से बढ़नी शुरू हुई थी। महज 15 दिन बाद ही आंकड़ा पांच सौ के पार जा पहुंचा था और इसके अगले दस दिन में यह संख्या प्रतिदिन डेढ़ हजार के आसपास दर्ज होने लगी थी। चिकित्सकों के मुताबिक दूसरी लहर में डेल्टा प्लस वायरस ने तबाही मचाई थी। वायरस संक्रमित के सीधे फेफड़ों पर हमला कर रहा था। संक्रमण का पता चलने में देरी और वक्त पर दवाएं न मिलने से संक्रमित हैप्पी हाइपोक्सिया की चपेट में आने लगे थे। यानी उनके शरीर में ऑक्सीजन सैचुरेशन कम हो रहा था। वायरस के दुष्प्रभाव से फेफड़ों की कार्यक्षमता कम हो रही थी।
दूसरी लहर में स्थिति यह थी कि अस्पतालों में मरीजों को ऑक्सीजन की कमी से जूझना पड़ा था। कई परिजन ने अपने निकट संबंधियों की मौत की वजह ऑक्सीजन उपलब्ध न हो पाना बताई थी। कई लोग जो चपेट में आए और बच गए, उनके जेहन में अब भी संक्रमण का खौफ है। कई लोग पोस्ट कोविड की चपेट में आने से आज भी इलाज कराने को विवश हैं, लेकिन तीसरी लहर में किसी भी संक्रमित को ऐसी किसी गंभीर परिस्थिति से नहीं गुजरना पड़ा।