राजकीय मेडिकल कॉलेज में बने कोविड एल टू अस्पताल से शुक्रवार रात कोरोना संक्रमित बंदी फरार हो गया। आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी एसटी के मुकदमे में वह नामजद है। 24 अगस्त को उसने कोर्ट में सरेंडर किया था। जहां से जेल भेजा गया तो वहां जांच में पॉजिटिव पाए जाने पर उसे कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इधर, बंदी और सुरक्षा में लगे दो पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र के मोहल्ला तारीन गाड़ीपुरा का बंदी रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2017 में मोहल्ले के एक व्यक्ति अमित ने खुदकुशी की थी। इसमें बंदी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी एसटी एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। 24 अगस्त को उसने कोर्ट में सरेंडर किया था। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया था।
पुलिस उसे जेल ले गई जहां जांच में एंटीजन किट से जांच में वह पॉजिटिव पाया गया। इस पर जेल प्रशासन ने उसे वापस भेज दिया। उसी दिन उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज के एल टू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी सुरक्षा में शुक्रवार रात पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल शेषमनी और सिपाही रिंकू की ड्यूटी लगी थी। रात में बंदी चुपचाप अस्पताल से खिसक गया।
इसकी जानकारी सुरक्षा में लगे सिपाहियों को नहीं लगी। रात में करीब साढ़े नौ बजे डॉक्टर ने बंदी को बेड से गायब देखा तो खलबली मच गई। अस्पताल में तलाशने पर पता नहीं चला तो इसकी सूचना पुलिस के आला अधिकारियों को दी गई।
इसके बाद चली खोजबीन के बावजूद शनिवार देर शाम तक बंदी का पता नहीं चला। कोतवाली प्रभारी प्रवेश सिंह ने बताया कि मामले में कोतवाली में दो मुकदमे दर्ज हुए हैं। इसमें सुरक्षा में लगे सिपाही और बंदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थाना आरसी मिशन पुलिस द्वारा आरोपी को जिला जेल में 24 अगस्त को लाया गया था। शासन के निर्देशानुसार जिला कारागार में आने वाले बंदियों का एंटीजन टेस्ट कराया जाता है, जिसमें उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इस पर उसे तुरंत ही थाने की पुलिस के साथ ही जिला अस्पताल भेज दिया गया। जहां पर उसका इलाज चल रहा था। उसके भागने की सूचना मिली है। बंदी सिविल पुलिस की कस्टडी में था।
- राजेश कुमार राय, जेलर, जिला कारागार