बरेली। स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पुलिस-प्रशासन की टीमों के सामने यह बड़ी चुनौती है कि हजियापुर के झोलाछाप तक कोरोना संक्रमण आखिर कैसे पहुंचा। मंगलवार को दिन भर इस पर माथापच्ची की गई लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। अबूधाबी से लौटे शख्स के साथ उसके संपर्क में आए 38 लोगों की जांच के बावजूद यह पता नहीं लग पाया बगैर कहीं जाए झोलाछाप कोरोना वायरस कहां से ले आया।
हजियापुर के झोलाछाप के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद अब तक अफसरों से लेकर जांच कर रही टीमें तक इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि उसे आखिर संक्रमण हुआ कैसे? अबूधाबी से लौटे परिवार की महिला के इलाज के दौरान झोलाछाप का इस परिवार से संपर्क रहा था। पड़ोस में पिछले दिनों रामपुर से आने वाले लोगों से भी उसका मिलना हुआ था। इन सभी लोगों के साथ पड़ोस में रहने वाले झोलाछाप के साढ़ू के परिवार के लोगों की भी जांच कराई जा रही है। इंस्पेक्टर बारादरी नरेश त्यागी का कहना है कि झोलाछाप की पत्नी और बेटी के साथ परिवार के लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। यह चकित करने के साथ एक सुखद पहलू भी है कि वह इन लोगों के सबसे ज्यादा संपर्क में रहा फिर भी संक्रमण नहीं फैला। वर्ना शायद इस मलिन बस्ती में सामुदायिक संक्रमण की प्रबल आशंका हो सकती थी।
मंगलवार को पुलिस ने उस अस्पताल के स्टाफ और प्रबंधन से भी पूछताछ की जहां झोलाछाप अक्सर आता जाता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह यहां मरीजों को रेफर करने के साथ ही कंपाउंडर का काम भी करता था। ऐसे में बड़ी संभावना इस बात की भी है कि कहीं इस अस्पताल में आए किसी मरीज के संपर्क में आकर तो वह संक्रमित नहीं हुआ। हालांकि अस्पताल प्रबंधन यह मानने को तैयार नहीं है कि झोलाछाप का उनसे कोई मतलब है।
हालांकि झोलाछाप के पड़ोस में मरी महिला से कोरोना संक्रमण की संभावना काफी कम है। बताते हैं कि पांच साल से किडनी की बीमारी से जूझ रही महिला शुगर की भी मरीज थी। रामपुर से भी कुछ लोग पड़ोस में आए थे जिनके बारे में जांच की जा रही है।
एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने बताया कि रामपुर में करीब बीस लोग कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। रामपुर पुलिस से उनकी भी कॉल डिटेल मंगवाई गई थी, लेकिन इनमें से कोई शख्स बरेली नहीं आया था। वहीं हजियापुर का कोरोना पीड़ित, उसकी पत्नी और परिवार का कोई सदस्य एक फरवरी से अब तक बरेली से बाहर नहीं गया। ऐसे में संक्रमण की चेन ट्रेस करने की सही लाइन फिलहाल नहीं मिल रही है।
अब तक की सारी छानबीन का कोई नतीजा नहीं
झोलाछाप के पड़ोस में कुछ दिन पहले जिस महिला की मौत हुई, उसके संक्रमित होने की आशंका भी काफी कम मानी जा रही है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, पांच साल से किडनी की बीमारी से जूझ रही यह महिला मधुमेह की भी मरीज थी। उसके जनाजे में 20 लोग शामिल हुए थे, जिनकी क्राइम ब्रांच की मदद से पहचान और स्क्रीनिंग की जा रही है। महिला का पति लॉकडाउन से काफी पहले अबूधाबी से लौटा था और अब तक स्वस्थ है। तब कोरोना के मामले भी न्यूनतम थे। उसकी भी मंगलवार को जांच कराई गई है। कुछ लोग पड़ोस में रामपुर से आए थे जिनके बारे में जांच की जा रही है।