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स्वस्थ लोगों के बीच भी कोरोना संक्रमित

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बरेली। जिले में सामुदायिक संक्रमण की स्थिति का पता लगाने मई में बरेली आई इंडियन काउंसिल मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर की टीम की रिपोर्ट में भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। टीम की ओर से करीब चार सौ लोगों की जांच के बाद तीन ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया जिनके शरीर में मौजूद एंटीबॉडी ने उनके संक्रमित होने की पुष्टि की लेकिन उन्हें इस बात का पता ही नहीं था कि वे कहां और कैसे संक्रमित हुए। आईसीएमआर की रिपोर्ट को भी विशेषज्ञों ने बड़े खतरे का संकेत बताते हुए इससे सबक लेकर सजग रहने की अपील की है।
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मई में बरेली जिले के विभिन्न इलाकों में लिए गए सैंपलों की जांच के आधार पर आईसीएमआर की ओर से जारी रिपोर्ट में हालांकि कहा गया है कि संक्रमण के तीसरे चरण यानी कम्युनिटी ट्रांसमिशन में पहुंचने के अभी ठोस सबूत नहीं मिले हैं। दरअसल राष्ट्रीय सार्स कोविड-2 सीरो सर्विलांस गतिविधियों को 17 और 18 मई को दस जिलों समेत बरेली में भी किया गया था। जिले से 408 ब्लड सैंपल लिए गए थे। चेन्नई के एनआईआरटी में ब्लड से सीरम अलग कर उसका परीक्षण किया गया। आईसीएमआर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. रवींद्र नाथ का कहना है कि बरेली में तीन लोगों में एंटीबॉडी बनने की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है जो कुल लिए गए सैंपल का 0.73 प्रतिशत है।
इन इलाकों से लिए गए थे सैंपल
खिरना, बलेही, अबादानपुर, मझोआ गंगापुर, रिछौला चौधरी, रसूलपुर बहनपुर, शीशगढ़ का वार्ड नंबर आठ, शहर के सुभाषनगर, बाकरगंज और फतेहगंज पूर्वी का वार्ड नंबर दो से सैंपल लिए गए थे। रिपोर्ट में इसका खुलासा नहीं किया गया है कि जिन तीन में एंटीबॉडी मिली है वह कहां के रहने वाले हैं।
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लॉकडाउन में हुआ था सर्वे, अब तो
काफी भयावह हो चुके होंगे हालात
संक्रामक रोग चैप्टर के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे डॉ. अतुल अग्रवाल का कहना है कि 17 मई की रिपोर्ट करीब महीने भर बाद जारी होने से उसकी सार्थकता खत्म हो चुकी है। ये तीन केस उस दौरान मिला जब लॉकडाउन था। अब अनलॉक हो गया है और बाजारों-सड़कों पर हजारों की भीड़ मौजूद है। अब तक हालात कितने भयावह हो चुके होंगे, इसका अंदाजा इस रिपोर्ट से नहीं लगाया जा सकता। सरकार को चाहिए कि वह सभी को एंटीबॉडी टेस्ट कराने की इजाजत दे ताकि सही स्थिति का पता लग सके।
लोग सजग हों, भीड़भाड़ के बीच जाने से बचें
आईएमए के उपाध्यक्ष डॉ. विनोद पागरानी का कहना है कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि जिले में सामुदायिक संक्रमण हुआ है मगर इसे शुरुआत कह सकते हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को सजग हो जाना चाहिए। उन्हें बाजार और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए क्योंकि जो तीन लोग संक्रमित हुए और अब स्वस्थ हो गए हैं वे जरूर किसी ऐसे संक्रमित के संपर्क में आए होंगे जो एसिम्प्टोमैटिक रहा होगा। बगैर किसी संक्रमित के संपर्क में आए संक्रमण होना मुमकिन नहीं है।
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