बरेली। कुछ लोग हिचकिचाते हुए गले मिले तो कुछ लोगों ने उलाहनों को नजरअंदाज कर दूर से ही नमस्ते कर ली। तमाम मास्क लगाए नजर आए तो इसकी वजह भी साफ हो गई। कोरोना के डर का एक अलग ही रंग गुलाबराय कॉलेज के मैदान लगे ऐतिहासिक होली मिलन मेले में बिखरा दिखाई दिया। भीड़ पिछले सालों के मुकाबले आधी भी नहीं थी। आयोजकों ने भी हर साल इस मेले का खास आकर्षण बनने वाली भजन संध्या को टाल दिया बल्कि पिछले सालों के मुकाबले करीब डेढ़ घंटे पहले ही मेले के समापन की भी घोषणा कर दी।
गुलाबराय के मैदान में होली मिलन मेले का रंग इस बार फीका दिखा। आमतौर पर इस मेले में इस कदर भीड़ हुआ करती है कि सड़क से आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। मेला परिसर के अंदर घुसना थोड़ा और मुश्किल भरा रहता है और अंदर पहुंचने के बाद अथाह भीड़ में किसी को ढूंढ पाना तो लगभग नामुमकिन। लेकिन इस बार मेले के नजारे काफी अलग थे। पिछले सालों के मुकाबले आधी से भी कम भीड़ साफ जता रही थी कि कोरोना लोगों के जेहन पर इस कदर हावी हो चुका है कि वे भीड़भाड़ में आने से बचने लगे हैं। गुलाबराय की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर भी कदरन काफी कम भीड़ थी। लोग आसानी से आ-जा रहे थे। अंदर मेला परिसर में लगे स्टालों पर भी भीड़भाड़ काफी कम दिखाई दी।
मेले के आयोजकों ने भी कोरोना की दहशत पर अपनी मोहर लगाई। मेला हमेशा की तरह शाम चार बजे शुरू हुआ लेकिन करीब डेढ़ घंटे पहले छह बजे ही इसके समापन की घोषणा कर दी गई। पिछले सालों में यह शाम साढ़े सात बजे तक आसानी से खिंचता था। हर साल होने वाली रासलीला और भजन संध्या भी इस बार नहीं हुई। दरअसल मेला आयोजन समिति के सचिव विजय कुमार इस बार इस मेले के आयोजन के ही पक्ष में नहीं थे। दूसरे पदाधिकारियों के जोर देने के बाद ही मेला लगाने पर सहमति बनी लेकिन ऐन समय तक इसको लेकर असमंजस भी बना रहा। कोरोना से डरे तमाम लोग मेले में मास्क लगाकर पहुुंचे। तमाम लोगों ने गले मिलने के बजाय दूर से ही नमस्ते करके होली की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। ठीक छह बजे आयोजकों ने मेला समाप्ति की घोषणा के साथ प्रवेश द्वार बंद करने का आदेश दे दिया।
राजनैतिक-गैरराजनीतिक संगठनों के स्टालों पर भी भीड़ कम
आमतौर पर इस बात की होड़ रहती थी कि इस मेले में लगने वाले किस स्टाल पर कितनी भीड़ रहती है। खासतौर पर राजनीतिक दलों के स्टाल पर इस बात पर भी नजर रखी जाती थी कि शहर की कौन सी हस्ती किस स्टाल पर जा रही है और ज्यादा समय गुजार रही है लेकिन इस बार ऐसा भी कुछ नहीं हुआ। कोरोना के डर से लोग हिचकते हुए गले मिले। मेले में भारतीय जनता पार्टी, उद्योग व्यापार मंडल, कांग्रेस, सपा, बसपा, कायस्थ चेतना मंच, स्वर्णकार सभा, आईआईए, पंजाबी सभा समेत करीब 80 सामाजिक संस्थाओं ने स्टाल लगाए थे। भीड़भाड़ कम होने से स्टालों पर भी सन्नाटा छाया रहा।
होली मेले में दिखा राजनीतिक सद्भाव
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, मेयर उमेश गौतम विधायक डॉ. अरुण कुमार, बहोरन लाल मौर्य, शहर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा, सपा नेता व पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार, कदीर अहमद, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व मेेयर सुप्रिया ऐरन, पूर्व मेयर राजकुमार अग्रवाल, कांग्रेस शहर चौधरी असलम मियां, बसपा जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह, उद्यमी सुरेश सुंदरानी, अजय शुक्ला, व्यापारी नेता राजेंद्र गुप्ता, विशाल मेहरोत्रा, संदीप अग्रवाल मिंटू, संजय आनंद, गुलशन आनंद आदि एक दूसरे से गले मिले। केंद्रीय मंत्री गंगवार ने कांग्रेस के कैंप में पहुंचकर शुभकामनाएं दीं।