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कोरोनाः परिणाम जाने बिना 60 फीसदी चिकित्सक नहीं लगवाएंगे वैक्सीन

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असमंजस में निजी चिकित्सक, सोशल मीडिया पर साझा कर रहे दर्द
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डॉक्टरोें पर वैक्सीनेशन के लिए जबरन दबाव बनाने का भी है आरोप

बरेली। अगले साल की शुरुआत में कोरोना वैक्सीनेशन की सुगबुगाहट ने चिकित्सकों की धड़कन बढ़ा दी है। जिले के निजी और सरकारी समेत करीब 25 हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। हालांकि, निजी चिकित्सक वैक्सीन लगवाने के लिए अभी तैयार नहीं हैं। उनके मुताबिक वैक्सीन का ट्रायल सही तरीके से नहीं हुआ है। इसलिए जल्दबाजी में वैक्सीनेशन घातक हो सकता है। कुछ चिकित्सकों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर जबरन वैक्सीन लगवाने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
कोरोना वैक्सीनेशन के लिए केंद्र सरकार ने जनवरी तक सभी जरूरी कवायदें पूरी करने के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से निजी और सरकारी अस्पतालों का डाटा तैयार किया जा रहा है मगर चिकित्सकों में असमंजस है। चिकित्सकों का सरकार से सवाल है कि अब तक करीब बारह बार स्वरूप बदल चुके वायरस की वैक्सीन का एक मुश्त इलाज कैसे संभव है। अगर वैक्सीन बनाई जा रही है तो प्रथम चरण में चिकित्सकों पर टेस्ट क्यों की जा रही है। बगैर दुष्परिणाम के वैक्सीन किस स्तर तक कारगर है आदि सवाल सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे हैं। अन्य चिकित्सकों ने भी सवालों का समर्थन करने के साथ ही, वैक्सीन लेने की बात स्वीकारी मगर परिणाम देखने के बाद ही उसे लगवाने पर सहमति जता रहे हैं। साथ ही, कुछ अस्पताल के संचालकों ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से जबरन स्वास्थ्यकर्मियों का डाटा लेने और वैक्सीन लगवाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
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जल्दबाजी नहीं करेंगे 60 फीसदी चिकित्सक
बीते दिनों लोकल सर्कल नाम की संस्था की ओर से देश भर के 225 जिलों में वैक्सीनेशन को लेकर चिकित्सकों की राय जानी गई। सर्वे में शामिल करीब 25 हजार चिकित्सकों ने प्रतिक्रिया दी। जिसमें 60 फीसदी से ज्यादा चिकित्सकों ने वैक्सीन लगवाने में जल्दबाजी करने से इनकार किया है। उन्होंने भी परिणाम सामने आने के बाद ही वैक्सीनेशन के बारे में निर्णय लेने का तर्क दिया था। लोकल सर्कल संस्था की ओर से किए गए सर्वे की तर्ज पर ही बरेली में भी निजी चिकित्सकों ने जब राय जानने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट अपलोड की तो कमोवेश एक जैसी प्रतिक्रिया दिखाई दी।

प्रथम चरण में 25,760 स्वास्थ्यकर्मियों को लगेगी वैक्सीन

बरेली। कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रथम चरण में 25,760 स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। बुधवार को कलक्ट्रेट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 17 और 18 दिसंबर को जिला स्तर पर, 26 दिसंबर तक ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण पूरा करने के निर्देश शासन से मिले हैं।
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सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला के मुताबिक, जनवरी से पहले वैक्सीन लगाने के लिए सभी जरूरी कवायदें पूरी कर ली जाएंगी। वैक्सीन के आते ही सरकारी और निजी स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। प्रशिक्षण में ब्लॉक लेवल के मेडिकल ऑफिसर और प्राइवेट डॉक्टर शामिल रहेंगे। वैक्सीन एएनएम और नर्स लगाएंगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि वैक्सीन सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन भी 31 दिसंबर तक बन जाएगी। दूसरे चरण में नगर निगम, पुलिस अन्य सुरक्षा दल और प्रशासनिक अधिकारियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। तीसरे चरण में 50 साल के ऊपर के व्यक्ति, बुजुर्ग और डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी बीमारी से ग्रसित लोगों को वैक्सीन लगेगी। बैठक में डब्लूएचओ के एसएमओ पीवी कौशिक, कोल्ड चेन के डिविजनल ऑफिसर प्रियांक सिंह, एडीआरए के एसआरसी विवेक आनंद, यूनिसेफ के डीएमसी इरशाद, एमओआईसी डॉ. अजय कुमार, डॉ. संचित शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे। ब्यूरो
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