पिछले महीनों में वॉशिंग लाइन औरर गोदाम से 1200 बैटरियां चोरी होने के बाद अब वॉशिंग और पिट लाइन से कई क्विंटल कॉपर वायर व 50 से ज्यादा लाइटें चोरी होने का मामला सामने आया है। आरपीएफ ने कई दिन तक मामले को दबाए रखा। प्रकरण जब मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने जांच का आदेश दिया है। तब शनिवार को आरपीएफ ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके पास से कुछ सामन भी बरामद कर लिया।
रेल संपत्ति चोरी के सिंडीकेट में अवैध वेंडरों के शामिल होने का अंदेशा है। आरपीएफ पर इनको संरक्षण देने का आरोप है। वेंडर्स एसोसिएशन ने उत्तर रेलवे के जीएम, डीआरएम, सीनियर डीसीएम से आरपीएफ की शिकायत की है। आरोप लगाया है कि आरपीएफ अवैध वेंडरों से वसूली कर उनको संरक्षण दे रही है और वैध वेंडर्स को थाने में बैठाने के बाद रुपये लेकर छोड़ा जा रहा है। इस बीच जंक्शन पर लगातार रेलवे संपत्ति की चोरी के मामले सामने आ रहे हैं।
इंस्पेक्टर आरपीएफ विनीता ने बताया कि कॉपर वायर और लाइटें चोरी करने के मामले में सुभाषनगर निवासी तहजीब और प्रवेश मौर्य को हिरासत में लिया गया है। उनके पास से दो लाइटें और कॉपर वायर बरामद भी हुए हैं। हालांकि, वह कॉपर वायर की लंबाई के बारे में नहीं बता सकीं।
वर्जन
बरेली जंक्शन पर अवैध वेंडरों का सिंडीकेट संचालित होने और कॉपर वायर व लाइटें चोरी होने का मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम, मुरादाबाद मंडल