बरेली। क्रेडिट गारंटी स्कीम उद्यमियों के लिए बेहद अहम है, लेकिन इससे कहीं ज्यादा जरूरी मुद्दा था उत्पादों के निर्यात की अड़चन। जिसके खत्म होने की उम्मीद केंद्र सरकार के बजट से जगी है। उद्यमियों के मुताबिक इससे बरेली के उत्पादों की पहचान विदेश तक होने की संभावना है।
आईआईए के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश सुंदरानी के मुताबिक बजट में आयकर की छूट सीमा बढ़ने के फैसले का स्वागत है। यह आम आदमी के हित में है। उद्यमियों के लिए जो सबसे बड़ी घोषणा हुई है वह अगले पांच वर्षों के लिए एमएसएमई को एक्सपोर्ट संबंधी सहयोग और बढ़ावे के लिए डेढ़ लाख करोड़ का बजट का प्रावधान है, क्योंकि उद्यमियों के पास एक्सपोर्ट यानी निर्यात के लिए कोई ठोस आधार नहीं था।
बरेली में तैयार जरी-जरदोजी उत्पाद को दिल्ली के ठेकेदार निर्यात कर रहे है, पर इस बजट से अगर एक्सपोर्ट में सहयोग के लिए कोई केंद्र बना तो बरेली के उद्यमी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। वहीं, वे उद्यमी जो बजट के अभाव में निर्यात में अक्षम थे, उन्हें भी भरपूर मदद मिलेगी।
आईआईए डिविजनल चेयरमैन विमल रिवाड़ी के मुताबिक स्किल डेवलपमेंट के तमाम प्रयास सरकार कर रही है। इस बजट में भी प्रमुखता दी गई है। एआई सेंटर भविष्य की जरूरत है। सरकार इस क्षेत्र में नींव मजबूत करेगी। बौद्धिक शक्ति का देश में ही उपयोग होगा। प्रवास थमेगा। अमर उजाला ब्यूरो