बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश अमृता शुक्ला ने बिशारतगंज निवासी किशोरी के अपहरण के आरोपी सूरजपाल, संतोष उर्फ बडेला को दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया है। मामले में एक अन्य आरोपी सूरजपाल के पिता लटूरी की सुनवाई के दौरान मौत के कारण उसकी पत्रावली को पृथक कर दिया गया।
बिशारतगंज थाने में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक सितंबर 2018 को उसकी 15 साल की बेटी को संतोष, सूरजपाल और लटूरी बहला-फुसला कर अगवा कर ले गए। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान पांच गवाह पेश किए गए। वादी और पीड़िता के बयानों में विरोधाभास रहा। पीड़िता ने कहा कि वह पिता से झगड़े के बाद चली गई थी।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि अपहरण की घटना की अभियोजन के साक्षीगण ने पुष्टि नहीं की है। पीड़िता के पास फोन होने के बावजूद उसकी काॅल डिटेल, लोकेशन उपलब्ध नहीं। पीड़िता ने मेडिकल जांच भी भी इन्कार कर दिया। ऐसे में आरोपियों को दोषमुक्त किया जाता है।
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जीआरपी थाने में मारपीट में दोषी कांस्टेबल को अपर सत्र अदालत से राहत
बरेली। जंक्शन जीआरपी थाने में हेड कांस्टेबल से मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में दोषी कांस्टेबल बागपत के थाना दोहट के गांव झुंडपुर निवासी जितेंद्र कुमार सिंह को अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार सिंह ने राहत देते हुए परिवीक्षा के आधार पर छह माह को रिहा करने का आदेश दिया है। उसे 30 अक्तूबर 2023 को एसीजेएम पूर्वोत्तर रेलवे ने दोषी करार देते हुए एक साल कैद और 2500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। एसीजेएम के इस आदेश को उसने अपर सत्र अदालत में चुनौती दी थी।
हेड कांस्टेबल रामकृष्ण ने नौ फरवरी 1997 को जीआरपी थाने में कांस्टेबल जितेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि जंक्शन के मालगृह में शाम 5:30 बजे जितेंद्र नशे की हालत में आया और वेतन रुकवाने की बात कहते हुए गालियां दीं। पीटना शुरू कर दिया। वह वहां से भागा तो जितेंद्र धमकी देते हुए पीछा करने लगा।
नशे में होने के कारण जितेंद्र जंक्शन के बरामदे में लोहे के एंगल से टकराकर घायल हो गया। जितेंद्र ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और रेलवे परिसर में माहौल खराब किया। विवेचना के बाद जीआरपी ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के बाद एसीजेएम पूर्वोत्तर रेलवे ने जितेंद्र को 30 अक्तूबर 2023 को कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।
फर्जीवाड़ा के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश अमृता शुक्ला ने बारादरी थाना क्षेत्र के गार्डन सिटी निकट बीसलपुर चौराहा निवासी सैराब की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। पुलिस ने 23 मई को चार गाड़ियों के साथ उसे गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने फर्जी आधार और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज बनाने की बात कुबूली। इन दस्तावेजों से बैंक से कार लोन लेते थे। गाड़ियां निकालने के बाद वे आरसी पर बैंक का चार्ज नहीं चढ़वाते थे और उन्हें नकद में बेच देते थे। गिरोह ने कुल सात गाड़ियां फर्जी लोन पर निकाली थीं।
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पॉक्सो एक्ट में आरोपी सौतेले पिता की जमानत अर्जी निरस्त
बरेली। स्पेशल जज हेमेंद्र कुमार सिंह ने पॉक्सो एक्ट में आरोपी सौतेले पिता की जमानत अर्जी निरस्त कर दी है। एक महिला ने एक जून को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह मुरादाबाद की निवासी है। सात साल पहले उसने कैंट थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति से दूसरी शादी की थी। उसके पहले पति से 14 साल की बेटी है। दूसरा पति उसकी बेटी से छेड़खानी़ करता है। आरोपी ने अग्रिम जमानत को याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसकी याचिका निरस्त कर दी है।