धाराओं में बदलाव से ये होगा असर
पहले नईम पर बीएनएस की धारा 106 लगाई गई थी। इसमें लापरवाही की वजह से किसी की हत्या कारित होना अपराध होता है। इसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। अब नईम पर धारा 105/61(2) लगी है। इनमें धारा 105 गैर इरादतन हत्या की है, जिसमें पांच से दस साल तक की सजा हो सकती है। धारा 61 (2) अब साजिश रचने के मामले में लगाई जाती है। इसमें मूल मुकदमे की धारा के बराबर अपराध साबित होने पर उतनी ही सजा दी जा सकती है।
जनप्रतिनिधि करते रहे पैरवी
नईम शास्त्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठन मुस्लिम सेवा मंच से जुड़ा है। वह इस संगठन का बड़ा पदाधिकारी बताया जाता है। इसी वजह से संबंध बनाकर उसने प्रदेश के कई नगर निगम व सरकारी अस्पतालों में ठेके ले रखे हैं। जिले के एक बड़े जनप्रतिनिधि ने नईम को छुड़ाने के लिए काफी पैरवी की। उन्होंने अधिकारियों से लेकर अन्य स्तर पर काफी प्रयास किए, लेकिन उसे जेल भेज दिया गया।
नईम ने बताए ड्राइवरों और कर्मचारियों के नाम
ठेकेदार नईम शास्त्री ने पुलिस को बताया कि उसने एनीजेनी सर्विसेज के नाम से वर्ष 2012 में पंजीकरण कराया था। इसके तहत उसे आउटसोर्सिंग का काम करना था। वह तभी से नगर निगम बरेली में सफाई कार्य के लिए मजदूरों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की सप्लाई कर रहा है। इन दिनों वह करीब 250 मजदूर और 40-45 टैक्टर-ट्रॉलियां रोज मुहैया कराता है। ट्रैक्टर की व्यवस्था बबलू यादव, सुनील, हरिओम, महावीर, शीशपाल उर्फ बिट्टू आदि करते हैं। इन्हीं में कुछ लोग सुनील प्रजापति की मौत के जिम्मेदार होंगे इसकी पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
नए ट्रैक्टर-ट्रॉली के बदले पुराना वाहन खड़ा करने की थी साजिश
इंस्पेक्टर बारादरी धनंजय पांडेय ने बताया कि आरोपी नईम से पूछताछ में पता लगा है कि घटना के बाद वह इलेक्ट्राॅनिक मीडियाकर्मी के संपर्क में आया था। मीडियाकर्मी ने उससे घटना में शामिल नए ट्रैक्टर को बदलकर उसके स्थान पर दूसरा ट्रैक्टर थाने में खड़ा कराने का सौदा किया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि पुलिस को भ्रमित करने के साक्ष्य मिले तो मुकदमे में आरोपियों के नाम एवं धाराएं बढ़ाई जाएंगी।