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डग्गामार वाहनों के खिलाफ अनुबंधित
बस मालिकों ने किया चक्का जाम
आरएम से लिखित आश्वासन मिलने पर शुरू किया बसों का संचालन
- अनुबंधित बस मालिकों के निशाने पर रहे एआरटीओ और टीएसआई
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई न होने से नाराज लखीमपुर और गोला डिपो के अनुबंधित बस मालिकों ने रविवार को बसों का संचालन बंद कर दिया। चक्का जाम होने की सूचना पर आरएम हरदोई भी बस अड्डा पहुंच गए। इसके बाद शुरू हुई वार्ता में आरएम, एआरएम, एआरटीओ एवं टीएसआई के डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन देने पर बस मालिकों ने नौ बजे हड़ताल खत्म कर दी।
लखनऊ रूट पर संचालित डग्गामार वाहनों ने राजापुर और एलआरपी चौकी के सामने अवैध अड्डा बना लिया है। इससे परिवहन निगम को रोजाना राजस्व की क्षति हो रही है। इन वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए अनुबंधित बस मालिकों ने कई बार एआरटीओ से लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर बस मालिकों ने चक्का जाम का रास्ता चुना।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत अनुबंधित बस ऑपरेटर्स यूनियन के लोगों ने रविवार को बसों का संचालन बंद कर दिया। हालांकि शनिवार देर रात तक एआरएम से लेकर आरएम तक यूनियन के पदाधिकारियों की मान मनौव्वल करने में लगे रहे, लेकिन पदाधिकारी हड़ताल को लेकर अडिग रहे। बात न बनते देखकर रविवार प्रात हरदोई क्षेत्र के आरएम ने लखीमपुर आकर पदाधिकारियों से वार्ता करनी शुरू की। करीब पांच घंटे तक आरएम, एआरएम से लेकर एआरटीओ, टीएसआई और यूनियन के लोगों में वार्ता चली। इस दौरान पदाधिकारी लिखित आश्वासन पर ही बस संचालन की जिद पर अड़ गए।
डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए आरएम, एआरएम, एआरटीओ, टीएसआई और अनुबंधित बस मालिकों के बीच लिखित आश्वासन मिलने के बाद सुबह नो बजे संचालन शुरू हो सका। इसके बाद अधिकारियों से लेकर मुसाफिरों ने ने राहत की सांस ली।
निगम की बसें यात्रियों
के लिए बनी सहारा
लखनऊ रूट पर संचालित लखीमपुर डिपो की सभी और गोला की करीब 20 अनुबंधित बसें नहीं चलीं। ऐसे में यात्रियों की सुविधा के लिए गोला डिपो से निगम की बसों से मुसाफिरों को लखनऊ पहुंचाया गया। लखीमपुर डिपो से सुबह करीब चार बजे संचालन शुरू हो जाता है। ऐसे में ड्यूटी पर पहुंचे परिचालक चक्का जाम होने के कारण बस अड्डे पर हड़ताल खत्म होने का इंतजार करते रहे।
एलआरपी और राजापुर चौकी के सामने है अवैध स्टैंड
हड़ताल खत्म कराने के लिए पांच घंटे चली वार्ता में अनुबंधित बस मालिकों के निशाने पर एआरटीओ और टीएसआई रहे। बस मालिकों का कहना है कि ज्ञापन देने या फिर हड़ताल होने पर अभियान चलता है। कुछ दिन बाद फिर से मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है और डग्गामार वाहन फिर से दौड़ना शुरू हो जाते हैं। लचर कार्यप्रणाली के चलते ही डग्गामार वाहनों ने एलआरपी और राजापुर चौकी के सामने अवैध स्टैंड तक बना लिया है।
डग्गामार वाहनों पर अंकुश न लगने पर रविवार को बसों का संचालन बंद कर दिया गया था। इस पर हरदोई से आरएम सहित एआरएम, एआरटीओ, टीएसआई के साथ काफी देर तक वार्ता चली। अंतत: अधिकारियों द्वारा आश्वासन देने पर हड़ताल खत्म कर दी गई। लिखित आश्वासन पर अमल होने पर यूनियन फिर से चक्का जाम का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगी।
- श्रवण कुमार गुप्ता, शाखा अध्यक्ष, अनुबंधित बस ऑपरेटर्स यूनियन लखीमपुर डिपो
एआरटीओ के साथ पिछले दो दिन से निरंतर चेकिंग की गई। कई गाड़ियों का चालान किया गया। हड़ताल को लेकर काफी देर तक आरएम, एआरटीओ, टीएसआई और बस मालिकों के बीच सकारात्मक वार्ता होने के बाद अनुबंधित बस मालिकों ने संचालन शुरू कर दिया। यात्रियों को असुविधा न हो इसलिए गोला और सीतापुर डिपो से निगम की बसें मंगवाकर उन्हें गंतव्य तक भिजवाया गया।
-जोगेंद्र सिंह, एआरएम लखीमपुर डिपो