राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा डॉक्टर और कर्मचारियाें ने काम बंद कर दिया है। इससे कई जरूरी सेवाएं ठप हो गई हैं। शनिवार को न तो आयुष विंग खुली और न मरीजाें का ब्लड प्रेशर चेक हो सका। सीएमओ ने हड़ताल को अवैध घोषित किया है। उनका कहना है कि सभी संविदा कर्मियों का वेतन कटेगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, नर्स, प्रोग्राम अधिकारी समेत तमाम कर्मचारियों ने जिला अस्पताल परिसर में धरना दिया। कर्मचारियों की मांग है कि उनका नियमितीकरण किया जाए और वेतन भी बढ़े। जिलाध्यक्ष सत्येंद्र यादव व महामंत्री श्याम सिंह ने बताया कि भले ही वेतन कट जाए वे तब तक धरने पर बैठेंगे जब तक लखनऊ से कोई निर्णय नहीं हो जाता। धरने में धीरेंद्र यादव, अनुज शर्मा, मधु देवी, पिंकी सरकार, याकूब, शादाब, शशांक भारद्वाज, मनोज, डॉ. लल्लन, शमीउद्दीन व अन्य शामिल रहे।
सीएचसी, पीएचसी में भी हुई दिक्कत
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कई कार्य चल रहे हैं। इसके तहत 150 से अधिक स्टॉफ भर्ती है। सीएचसी, पीएचसी में भी अधिकतर कर्मी एनएचएम के तैनात हैं। जिला अस्पताल में भी एनसीडी सेल में ब्लड प्रेशर की जांच प्रभावित रही। आयुष विंग में 250 से अधिक मरीजाें को इलाज व दवा नहीं मिल सकी।
वर्जन--
एनएचएम संविदा कर्मियों की हड़ताल बेबुनियाद है। जितने भी दिन इनकी हड़ताल रहेगी उतने दिन काम न करने पर वेतन कटेगा।
-डॉ. विजय यादव, सीएमओ