बरेली। बीडीए ने चार प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइट के संचालन और मरम्मत का ठेका निजी कंपनी को सौंपकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
शनिवार रात 11.30 बजे पड़ताल के दौरान सेटेलाइट पुल के आगे छावनी क्षेत्र में नकटिया नदी के पुल तक अंधेरा मिला। नकटिया पुल के बाद आरटीओ दफ्तर होते हुए भिंडोलिया तक रोशनी थी, लेकिन भिंडोलिया से इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के मार्ग पर 50 से अधिक लाइटें गुल मिलीं।
बरेली विकास प्राधिकरण ने बरेली-शाहजहांपुर मार्ग पर नकटिया पुल से इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी तक, बदायूं रोड पर करगैना पुलिस चौकी से जुए की पुलिया तक, डोहरा रोड स्थित नकटिया पुल से बड़ा बाइपास तक और बीसलपुर रोड पर नकटिया नदी के पुल से बड़ा बाइपास तक सड़क के चौड़ीकरण के साथ ही डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइटें लगवाईं। उस दौरान मार्ग जगमग हो गए, लेकिन कुछ दिन बाद ही पेच फंस गया कि इन्हें कौन जगमग रखेगा? बीडीए ने कहा कि जो लाइटें जिस निकाय क्षेत्र में हैं, वही उसे संचालित करेंगी। सितंबर 2024 में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत को जिम्मेदारी देने की बारी आई। सब जगह से संसाधन न होने की बात कही गई। फिर मंडलायुक्त ने बीडीए से ही रास्ता निकालने के लिए कहा।
बीडीए ने निजी विज्ञापन कंपनी को चुना और कुछ शर्तोे के साथ मरम्मत और संचालन की जिम्मेदारी दे दी, लेकिन मौके की पड़ताल में पता लगा कि ये लाइटें कई-कई दिनों तक खराब रहती हैंं। ब्यूरो