मीरगंज। क्षेत्र के गांव हल्दी खुर्द में दूषित पानी और कैंसर के बढ़ते मामलों ने भय का माहौल बना दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई साल से दूषित पानी पीने को मजबूर लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। गांव में कई लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, क्षेत्र के शाहिद अली, चुन्ना, मकसूद, निगम, शराफत, अफसर जहां, मोहम्मद मियां और सुधीर सिंह की कैंसर से मौत हुई है। वहीं, नादिर हुसैन, असीम अली, सरला देवी, वाहिद अली और जमीला बेगम कैंसर से ग्रसित हैं। गांव में सरकारी हैंडपंप खराब हो चुके हैं। जिन से पानी आता है, वो बदबूदार होता है। नालियों और तालाबों में गंदगी भरी है, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। शुद्ध पेयजल के लिए बिछाई गई पाइपलाइन अधूरी है और एक किलोमीटर दूर बनने वाला ओवरहेड टैंक का निर्माण भी वर्षों से अधूरा है।
ग्राम पंचायत सचिव योगेश कुमार ने ग्रामीणों के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा, गांव में कोई नल खराब नहीं है, न ही दूषित पानी दे रहा है। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक वैभव राठौर ने छह माह पहले भी गांव में कैंसर के मामलों की जानकारी मिलने की बात कही। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर कैंसर फैलने के कारणों की जांच कराने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पानी की तत्काल जांच, कैंसर पीड़ितों के उपचार और बंद पड़ी पेयजल योजना को जल्द शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो गांव में हालात और भयावह हो सकते हैं।