नवाबगंज। विकास खंड कार्यालय में कृषि विभाग की ओर से आयोजित खरीफ कृषि निवेश मेला में दूषित भोजन मिलने को लेकर किसानों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने भोजन के पैकेट जमीन पर फेंक दिए। हंगामे के बाद उप कृषि निदेशक अभिनंदन सिंह ने कार्यक्रम प्रभारी से रिपोर्ट तलब करने के साथ ही भोजन की आपूर्ति करने वाली संस्था का भुगतान रोक दिया है। संस्था को काली सूची में डालने की भी तैयारी है।
मेला की अध्यक्षता विधायक डॉ. एमपी आर्य और ब्लॉक प्रमुख के प्रतिनिधि आशुतोष गंगवार ने की। इस दौरान किसानों को कई तरह की जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद किसानों को भोजन के जो पैकेट दिए गए, उनमें रखी सब्जी खराब हो चुकी थी।
इस पर किसानों ने दूषित भोजन खाने से इन्कार कर दिया। विरोध स्वरूप भोजन के पैकेट जमीन पर फेंक दिए। अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वह हंगामा करने लगे। उन्होंने उप कृषि निदेशक को शिकायतीपत्र भी सौंपा। कहा कि मेले में बुलाने के बाद दूषित भोजन देना किसानों का अपमान है। इसे खाकर वह बीमार भी हो सकते थे। इस दौरान बाबूराम, संगीतपाल, हरीश कुमार, कालीचरन, अमित कुमार, शिवदयाल आदि लोग मौजूद रहे।
एक पैकेट की कीमत 60 रुपये फिर भी गुणवत्ता खराब
राजकीय बीज भंडार प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि किसानों को भोजन उपलब्ध कराने का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया था। एक पैकेट की कीमत 60 रुपये कंपनी की ओर से बताई गई। 200 पैकेट नवाबगंज और इतने ही भदपुरा ब्लॉक में भेजे गए। वहीं, आपूर्ति करने वालों का कहना है कि भोजन सुबह नौ बजे बना था। इसे तीन बजे तक बांटा जा सकता था। दोपहर 2:30 बजे भोजन का वितरण हुआ। गर्मी से सब्जी खराब होने का अंदेशा है।
वर्जन:
किसानों ने शिकायत की थी। कार्यक्रम के प्रभारी को जांच करने के आदेश दिए हैं। संस्था का भुगतान रोकने के साथ उसे काली सूची में डालने की भी तैयारी है। - अभिनंदन सिंह, उप कृषि निदेशक