फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत के लिए संविधान है राम चरित्र: वशिष्ठ बंधु

Sat, 20 Apr 2024 06:41 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। श्री राम दरबार शैली में भजन गायकी के लिए प्रसिद्ध वशिष्ठ बंधु का कहना है कि राम चरित्र भारत के लिए संविधान है। आज समाज में हर कोई चाहता है कि उसका जो पुत्र, भाई या पति हो, उसमें राम जैसी मर्यादाएं हों।
विज्ञापन

शुक्रवार को शहर में मौजूदगी के दौरान बातचीत में पंडित रामभद्र शर्मा ने कहा कि समाज में जो परिवर्तन देखने को मिल रहा है, उसका कारण है कि हम संविधान को भूल गए हैं। इस समय समाज में दो व्यवस्थाएं चल रही हैं, एक त्यागवादी और दूसरी भोगवादी। भोगवादी व्यवस्था पूरे समाज पर खराब असर डाल रही है। पंडित नीरज शर्मा व पंडित पंकज शर्मा ने भजन गायकी के संबंध में कहा कि, फिल्मी तर्ज पर भजन गायकी कष्टकारी है। जो धुन बने अपनी हो, स्वरचित हो। ताकि उसकी आध्यात्मिकता बनी रहे। इसीलिए वह सूरदास, मीरा, गुरुनानक देव, रैदास आदि की बंदिश पर आधारित धुन को अपने भजनों में शामिल करते हैं।
वशिष्ठ बंधु ने बताया कि उनका देवर्षि परिवार रहा है। वह श्री राम दरबार शैली में गायकी करते हैं। यह एक अलग विद्या है, जो कुछ अपने परिवार से विरासत में मिली है और कुछ राम जी की कृपा से मिली। उनके गुरुजन स्वर्गीय नाना पंडित राम नंद जी, पिता स्वर्गीय पंडित वीरभद्र शास्त्री और माता कृष्णा देवी शास्त्री हैं। अंत में यह भी कहा कि संगीतकारों में भक्त और भक्त में कलाकार बसता है। वशिष्ठ बंधु यहां चिकित्सकों की प्रदेश स्तरीय कांफ्रेंस में आयोजित भजन संध्या को प्रस्तुत करने आए थे। इस मौके पर समाजसेवी राम गुप्ता भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें