आशंका है कि नशे में होने से नहर के करीब जाने पर पैर फिसल गया होगा। नहर में उतरने से पहले उसने साथी को अपनी चप्पल, घड़ी और चेन उतार कर थमा दी थी। इसके बाद दोबारा नदी के पास गया था और घटना का शिकार हो गया। इंस्पेक्टर विमल गौतम ने बताया कि किसी पर कोई आरोप नहीं है। यह एक हादसा है। तलाश की जा रही है।
परिजन बोले-शराब नहीं पीता है बेटा
पिता महेश चंद्र पाल हेड कांस्टेबल हैं और फतेगढ़ में तैनात हैं। उत्तम उन्हीं से प्रभावित होकर पुलिस विभाग में आया। सिपाही उत्तम माता-पिता की दो संतानों ने बड़ा बेटा था। छोटा बेटा सत्यम विदेश में काम करता है। पिता ने बताया कि बेटा बहुत ही मिलनसार है। कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाता। नौकरी मिलने के बाद शराब की लत कैसे लग गई, पता ही नहीं चला। परिजनों के सामने तो कभी कोई नशा नहीं किया।