बरेली। सेटेलाइट बस स्टैंड पर फरवरी में हुई प्रतापगढ़ निवासी पार्सल ठेकेदार अनुज की हत्या के साजिशकर्ता दिनेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। डोहरा रोड छात्रावास के पास से तमंचे और दो कारतूस के साथ उसे पकड़ने के बाद कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया। उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
सेटेलाइट बस स्टैंड पर फरवरी में प्रतापगढ़ निवासी पार्सल ठेकेदार दो भाइयों पर गोलीबारी की गई थी। गोली लगने से अनुज की मौत हो गई जबकि अतुल घायल हो गए थे। इनके पिता राजेश पांडेय ने बारादरी थाने में नौबत यादव, दिनेश यादव समेत छह लोगों पर हत्या की रिपोर्ट कराई थी। तभी से पुलिस दिनेश की तलाश में थी। ब्यूरो
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दिनेश के उकसाने पर नौबत ने की हत्या
इस मामले में मुख्य आरोपी नौबत यादव को हत्याकांड के कुछ घंटे बाद ही मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। सह आरोपी संतोष मौर्य को भी गिरफ्तार किया गया था। बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि विवेचना में पुलिस को पता लगा कि दिनेश घटना के दौरान पास में ही मौजूद था। दिनेश ने ही नौबत को संतोष से तमंचा दिलवाया और हत्याकांड करने के लिए उकसाया। दिनेश के कुछ और साथी भी यात्रियों की भीड़ में थे। तय था कि अगर नौबत की घेराबंदी हुई तो यह लोग हमला करके उसे छुड़ा लेंगे और यहां से निकाल ले जाएंंगे।
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पानीपत में कर रहा था मजदूरी, चार्जशीट में नाम छूटा तो घर आया
अनुज हत्याकांड के बाद दिनेश पानीपत जाकर मजदूरी करने लगा था। पुलिस यहां उसकी तलाश कर रही थी लेकिन वह मिल नहीं रहा था। एसएसपी ने उस पर हाल ही में पंद्रह हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने दिनेश पर आर्म्स एक्ट का अलग से मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस को दिनेश ने बताया कि वह पीलीभीत शहर के गोबर मोहल्ला का निवासी था। उसके पिता की मौत बचपन में हो गई थी। दिनेश की मां बच्चों को लेकर बरेली आ गईं और किराये पर कमरा लेकर रहने लगीं। दिनेश की बहन की शादी हत्याकांड के मुख्य आरोपी नौबत से हुई है। दिनेश ने बताया कि हत्याकांड के बाद काफी समय गुजर गया तो पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। उसने इसका पता लगाया। उसे लगा कि शायद पुलिस ने विवेचना में उसका नाम निकाल दिया है। वह शुक्रवार को ही बरेली आया था। पुलिस को भनक लगते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी होने जा रही है।