Congress is also expected to revolt have broken down
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
कांग्रेस ने नौ सीटों पर अपने प्रत्याशी तैयार कर रखे थे। अगर गठबंधन नहीं होता तो उनका चुनाव लड़ना कांग्रेस के टिकट पर तय था लेकन गठबंधन में तीन सीटें मिलीं तो बाकी दावेदार खाली हो गए। अब उन्होंने परचा खरीदा है। किसी ने आईएमसी से तो कोई निर्दल ही चुनाव मैदान में उतरने की तैयार कर रही है।
सपा से गठबंधन की उम्मद जब टूटने लगी थी तो कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर ली थी। नौ सीटों पर प्रत्याशी उतरने को तैयार थे लेकन ऐन वक्त पर गठबंधन की घोषणा हो गई और बरेली से तीन सीटें मिल सकीं। बाकी छह प्रत्याशी निराश रह गए इनमें से कईयों ने ताल ठोंक दी है। कांग्रेस की लिस्ट में बहेड़ी से सीमा खान, शहर से प्रेमप्रकाश अग्रवाल, कैंट से मुजाहिद हसन खां, फरीदपुर से रामचंद्र वर्मा, बिथरी से भुवनेश्वर सिंह, मीरगंज से नरेंद्र पाल सिंह गंगवार, आंवला से नितिन महाराज, भोजीपुरा से पीएल शर्मा और नवाबगंज से मोहम्मद असलम सैफी शामिल थे। इनमें तीन का टिकट तो सुरक्षित रहा लेकिन बाकी की उम्मीद टूट गई। भुवनेश्वर सिंह, नितिन महाराज, पीएल शर्मा ने तो परचा लिया है। सीमा खान पहले ही पर्चा ले लिया था। ग्राम प्रधान असलम सैफी ने भी बगावत कर दी है और निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। बारात घर में समर्थकों के साथ बैठक कर सैफी ने उपेक्षा का आरोप लगाया है। मजदूर नेता पीएल शर्मा के साथ उन्होंने सियासत की शुरुआत की थी।
मुकर्रम अली खां ने 36 साल बाद कांग्रेस छोड़ी
बहेड़ी। कांग्रेस के करीब 36 साल पुराने कांग्रेसी नेता मुर्करम अली खां ने आज सुबह कांग्रेस पार्टी को बाय बाय कह दिया। यही नहीं उन्होंने महानदल के प्रत्याशी नबाव राशिद खां को चुनाव लड़ाने का एलान तो किया लेकिन अभी किसी दल में शामिल होने की घोषणा नहीं की। मुर्करम अली खां ने कहा कि उन्होंने एनडी तिवारी से लेकर केसी पंत तक का चुनाव लड़ाया। मुकर्रम ने कहा कि तीन बार विधानसभा चुनाव में बहेड़ी से वह टिकट के लिए आवेदन कर चुके हैं लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने कभी उनका नाम कांग्रेस अध्यक्ष के सामने नहीं भेजा। लिहाजा इससे क्षुब्ध होकर उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है।
जो पार्टी के निष्ठावान लोग हैं वह कहीं नहीं जा रहे। जो मौकापरस्त हैं वही विरोध की सोच रहे हैं। गठबंधन में जब तीन सीटें मिलीं तो किसी को नाराज नहीं होना चाहिए। रूठों को मनाने की कोशिश भी होगी- रामदेव पांडेय, जिलाध्यक्ष कांग्रेस